प्रेम गुरु
सत्यापित कहानीकार (Verified)@parama-gara
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
प्रेम गुरु की रचनाएं
दो नम्बर का बदमाश-2
मैं सोफ़े पर बैठ गया। जैसी ही बाथरूम का दरवाज़ा खुला गीले बालों से टपकती शबनम जैसी बूँदे, काँपते होंठ, क़मसिन बदन, बेल-बॉटम में कसी पतली-पतली जाँघों के बीच फँसी बुर का इतिहास और भूगोल यानी चीरा और फाँकें साफ़ महसूस हो रही थी। हे भगवान क्या फुलझड़ी...
दो नम्बर का बदमाश-1
‘ये चूतें, गाँड, और लंड सब कामदेव के हाथों की कठपुतलियाँ हैं। कौन सी चूत और गाँड किस लंड से, कब, कहाँ, कैसे, और कितनी देर चुदेगी कोई नहीं जानता।’- इसी कहानी से।