प्रेम गुरु
सत्यापित कहानीकार (Verified)@parama-gara
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
प्रेम गुरु की रचनाएं
हुई चौड़ी चने के खेत में -3
लेखक : प्रेम गुरुप्रेषिका : स्लिमरीमा (रीमा भारद्वाज)दूसरे भाग से आगे :
काली टोपी लाल रुमाल-2
उसके बाद तो हम दोनों ही पहरों आपस में एक दूसरे का हाथ थामें बतियाते रहते। पता नहीं एक दूजे को देखे बिना हमें तो जैसे चैन ही नहीं आता था।
काली टोपी लाल रुमाल-1
उसका पूरा नाम तो था सिमरन पटेल पर स्कूल में उसे सभी केटी (काली टोपी) और घरवाले निक्की या सुम्मी कहते थे पर मेरी बाहों में तो वो सदा सिमसिम या निक्कुड़ी ही बनी रही थी।एक नटखट, नाज़ुक, चुलबुली और नादान कलि मेरे हाथों के खुरदरे स्पर्श और तपिश में डूब ...
मीनूर प्रेम मिलन-3
मैं घूम कर फिर से उनके सीने से लग गई और उनके गले में बाहें डाल कर उनके होंठों पर एक चुम्बन ले लिया। जैसे किसी शरारती बच्चे को किसी भूल के लिए क्षमा कर प्रिया जाये तो उसका हौसला और बढ़ जाता है प्रेम ने भी मेरे होंठों, गालों और उरोजों की घाटी में चुम्ब...