प्रेम गुरु
सत्यापित कहानीकार (Verified)@parama-gara
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
प्रेम गुरु की रचनाएं
तीन पत्ती गुलाब-8
रात को देरी से नींद आई तो सुबह उठने में भी देरी हो गई। स्कूल जाते समय मधुर ने मुझे जगाया। अक्सर मेरे देरी से उठने पर वो बहुत उलाहना सा देते हुए मुझे जगाया करती है पर आजकल तो उसका यह चुलबुलापन जैसे गायब ही हो गया है।
तीन पत्ती गुलाब-6
मधुर आज खुश नज़र आ रही थी। मुझे लगता है आज मधुर ने खूब ठुमके लगाए होंगे। खुले बाल और लाल रंग की नाभिदर्शना साड़ी … उफफ्फ … पता नहीं गौरी को यही साड़ी पहनाई थी या कोई दूसरी! पर कुछ भी कहो मधुर इस समय बाजीराव की मस्तानी ही लग रही थी।
तीन पत्ती गुलाब-4
इस भयंकर प्रेमयुद्ध के बाद सुबह उठने में देर तो होनी ही थी। मधुर ने चाय बनाकर मुझे जगाया और खुद बाथरूम में घुस गयी। आज उसे अपनी मुनिया की सफाई करनी थी सो उसे पूरा एक घंटा लगने वाला था।मैं बाहर हाल में बैठकर चाय की चुस्कियाँ लेते हुए अखबार पढ़ रहा ...
तीन पत्ती गुलाब-3
मैंने अपने और मधुर के दुश्मनों को (अरे भाई कपड़ों को) परे हटा दिया और उसे बांहों में दबोच लिया। अब मधुर ने अपनी जांघें खोल दी और पप्पू को अपने हाथों से पकड़कर अपनी मुनिया के छेद पर रगड़ने लगी। मैंने एक जोर का धक्का मारकर उसका काम आसान कर दिया।
तीन पत्ती गुलाब-2
आज पूरा दिन गौरी के बारे में सोचते ही बीत गया। उसके चक्कर में मैं आज दफ्तर से थोड़ा जल्दी घर आया था। पर गौरी नज़र नहीं आ रही थी शायद वह काम निपटाकर चली गयी थी। मधुर ने आज भूरे रंग की पैंट और टॉप पहना था। मधुर के नितम्ब और कमर इन कपड़ों में बहुत कात...
तीन पत्ती गुलाब-1
प्यारे पाठको और पाठिकाओ! इस कथानक की नायिका नाम है गौरी। और जिसका नाम गौरी हो भला उसकी खूबसूरती के बारे में कोई शक़-शुबहा कैसे किया जा सकता है। पता नहीं गुलाबो ने क्या खाकर या सोच कर गौरी का नाम रखा होगा, पर उसकी खूबसूरती ठीक उसके नाम के मुताबिक ह...