प्रेम गुरु
सत्यापित कहानीकार (Verified)@parama-gara
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
प्रेम गुरु की रचनाएं
तीन पत्ती गुलाब-35
अब भाभी बैड पर पेट के बल लेटी गई थी और भैया ने उनका पेटीकोट भी उतार दिया था। अब दोनों मादरजात नंगे थे। भैया उसके दोनों नितम्बों के बीच अपना हाथ फिराना चालू कर दिया। फिर उन्होंने क्रीम वाली शीशी का ढक्कन खोला और लगभग आधी शीशी क्रीम अपनी हथेली पर उं...
तीन पत्ती गुलाब-34
भाभी ने अपने दोनों हाथ भैया की पीठ पर कस लिए और अपने टांगें भी और ज्यादा फैला दी। भैया ने उसके होंठों को चूमते हए धक्के लगाने शुरू कर दिए। भाभी ने अपनी आँखें बंद कर ली थी।“साली छिनाल है एक नंबर की। पहले कितने नखरे कर रही थी अब देखो कैसे मज़े ले लेक...
तीन पत्ती गुलाब-33
भाभी धीरे-धीरे अपने भारी और मोटे नितम्बों को नीचे करने लगी और अपनी बुर की फांकों को अँगुलियों से चौड़ा किया। अन्दर से लाल चीरा ऐसा लग रहा था जैसे किसी तरबूज की गिरी हो। फिर एक नोट को अपनी बुर की फांकों के बीच में करते हुए उठाने की कोशिश की पर नोट न...
तीन पत्ती गुलाब-30
गौरी की कसी खूबसूरत गुलाबी गांड मारने के लिए मैं मरा जा रहा हूँ। चूत का उदघाटन तो आराम से हो गया था पर उसे गांड के लिए तैयार करना जरा मुश्किल लग रहा है।आइए अब शुरू करते हैं अगला सोपान‘ये गांड मुझे दे दे गौरी!’
तीन पत्ती गुलाब-29
दोस्तो! मुझे लगता है मैं कोई पिछले जन्म की अभिशप्त आत्मा हूँ। पता नहीं मैं अभी तक अपनी सिमरन को क्यों नहीं भूल पा रहा हूँ? सच कहूं तो मिक्की, पलक, अंगूर, निशा, सलोनी और अब गौरी, मीठी या सुहाना में कहीं ना कहीं मुझे सिमरन का ही अक्स (छवि) नज़र आता ह...
तीन पत्ती गुलाब-27
आप सभी तो बहुत गुणी और अनुभवी हैं पर एक बात आपको बता देता हूँ कई बार मिठाई के साथ अगर बीच में नमकीन खा लिया जाए तो आनन्द दुगना नहीं चार गुणा हो जाता है। कुछ लड़कियों और शादीशुदा औरतों को चुदाई के दौरान थोड़ा गंदा बोलना और नितम्बों पर थप्पड़ खाना और अ...
तीन पत्ती गुलाब-26
गौरी ने शरमाकर अपनी आँखों पर हाथ रख लिए। गौरी की मौन स्वीकृति पाकर मैंने उसे एक बार फिर कसकर अपनी बांहों में भींचते हुए चूम लिया। लंड महाराज तो पजामा फाड़कर ही बाहर आने लेगे थे।
तीन पत्ती गुलाब-24
किसी भी कहानी या कथानक को लिखने में लेखक को बहुत समय और ऊर्जा के साथ-साथ सकारात्मक मनोदशा (मूड) की जरूरत होती है। आज के व्यस्त जीवन में बहुत सी समस्याएँ होती हैं और ऐसे में किसी कहानी को सुन्दरतम ढंग से लिखना किसी चुनौती से कम नहीं होता।
तीन पत्ती गुलाब-23
मैंने अपनी जेब से वह सोने की अंगूठी निकाली और गौरी के दायें हाथ की अनामिका में पहना दी। मैंने गौरी के हाथ को अपने हाथ में लेकर उस पर एक चुम्बन ले लिया। गौरी लाज से सिमट गई।“गौरी मेरी प्रियतमा! आज की रात हम दोनों के लिए सुनहरे सपनों की रात है। आओ ह...
तीन पत्ती गुलाब-22
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