यश देव
सत्यापित कहानीकार (Verified)@yasha-thava
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
यश देव की रचनाएं
मेरा गुप्त जीवन- 166
मैं आँखें बंद कर के नहा रहा था कि अचानक मेरे कानों में किसी के मूतने की आवाज़ आई।
मेरा गुप्त जीवन- 165
शाम सिंह जी नीचे उतर आये और मैं यह देख कर हैरान हो गया कि उनकी पैंट के बटन खुले हुए थे और उनका लंड पैंट से निकल कर बाहर लटक रहा था।सबसे ज़्यादा हैरानगी की बात तो यह थी कि दिव्या भाभी ज़रा भी घबराई नहीं थी और वो हल्के से मुस्करा रही थी।
मेरा गुप्त जीवन- 164
मैं सिर्फ मुस्करा भर प्रिया और हल्के से अपनी बाईं आँख मार दी वंदना को!उस रात मैंने फिर से भाभी और भैया के साथ चुदाई का खेल खेला।कम्मो और मैंने मिल कर भाभी और भैया को कामशास्त्र के सारे आसन कर के दिखाए और फिर पुनः उन आसनों को भैया भाभी से भी करवाया।
मेरा गुप्त जीवन- 163
भैया की आँखें पूरी तरह से नग्न कम्मो के शरीर पर ही केंद्रित हो गई थी, वो उसके सुन्दर और सेक्सी शरीर को देखने में ही मग्न हो गए थे।तब तक मैं भाभी की गांड से नीचे उतर कर कम्मो के पीछे खड़ा हो गया और अपने खड़े लण्ड को वहाँ पास में पड़े कपड़े से ढक लिया।
मेरा गुप्त जीवन- 162
मैंने भी उसके मोटे चूतड़ों को हल्के से मसल प्रिया और भाभी के गोल और उभरे हुए स्तनों को अपनी छाती पर महसूस किया।कॉलेज से वापस आया तो कम्मो मुझको बैठक में मिल गई और भाभी के बारे में ही बात करने लगी, खाना खाते हुए कम्मो ने भाभी की सारी बात बताई।
मेरा गुप्त जीवन- 161
सवेरे उठ कर कम्मो के हाथ से चाय पी कर मज़ा ही आ जाता था।एक तो वो बड़ी ही स्वादिष्ट चाय बनाती थी, दूसरे जब वो चाय ले कर सुबह आती थी तो उसको देख कर मेरे मन में यह भावना पैदा होती थी कि यह एक ऐसी औरत है जो मेरी हर प्रकार से रक्षा कर सकती है और जिस को द...
मेरा गुप्त जीवन- 160
सिनेमा हाल से बाहर आने पर वंदना ने यह सब भांप लिया ओर झट से मेरे और उन लड़कियों के बीच में आ गई ताकि किसी भी लड़की का कोई भी अंग मुझ से ना छुए.इसको कहते हैं मित्रव्रता (पतिव्रता) नारी!
मेरा गुप्त जीवन- 159
‘लंड के भाग से चूत वाली सलवार का नाड़ा टूटा…’ इसको मैं एकदम अचानक और बिना किसी किस्म के पूर्व तैयारी के सम्भोग की ही संज्ञा दूंगा।
मेरा गुप्त जीवन- 158
ये बातें चल ही रही थी कि कमरे का दरवाज़ा फिर एक झटके से खुला और पूनम तेज़ी से अंदर घुस आई और हँसते हुए बोली- सोमू जी, लगे हो अपने बहुत पुराने खेल में? अब तक कितनी? दोनों भाभियों को कितनी कितनी बार पार लगाया है?
मेरा गुप्त जीवन- 157
रश्मि मुझ को सचमुच हैरानी से देख रही थी और उसकी आँखों में यह सवाल साफ़ झलक रहा था कि सोमू राजा कैसा लड़का है जो इतनी देर की चुदाई में एक बार भी नहीं गिरा?उस बेचारी का भी दोष नहीं था क्यूंकि आमतौर पर बड़े बड़े घुड़सवार दो तीन शूटिंग्स के बाद सर फ़ेंक देत...
मेरा गुप्त जीवन- 156
तभी हल्की आवाज़ के साथ कमरे का दरवाज़ा खुल गया और एक जनाना आवाज़ ने गुस्से के लहजे में पूछा- सोमू, यह क्या हो रहा है?
मेरा गुप्त जीवन- 155
मैंने धीरे धीरे लंड को नैंसी की चूत के अंदर बाहर करना शुरू किया ही था कि बाहर से दरवाज़ा खटका और दरवाज़ा खोल कर वार्डन मैडम घबराई हुई अंदर आ गई- जल्दी करो, डायरेक्टर साहब की कार गेट में घुसी है, वो शीघ्र ही अंदर आ जायेंगे। आप सब कपड़े पहन कर अपने कमर...