होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 362 बार

मेरा गुप्त जीवन- 165

यश देव

06 May 2026 को प्रकाशित

मेरा गुप्त जीवन- 165
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

शाम सिंह जी नीचे उतर आये और मैं यह देख कर हैरान हो गया कि उनकी पैंट के बटन खुले हुए थे और उनका लंड पैंट से निकल कर बाहर लटक रहा था।सबसे ज़्यादा हैरानगी की बात तो यह थी कि दिव्या भाभी ज़रा भी घबराई नहीं थी और वो हल्के से मुस्करा रही थी।

मैं हैरानी से दोनों को देख रहा था, तभी शाम सिंह जी बोले- वाह सोमू राजा, क्या चुदाई करते हो? माशाल्लाह बहुत खूब! एक बार मेरे सामने भी दिव्या की चुदाई करो न प्लीज!मैं डर के मारे और पीछे होने लगा लेकिन तब देखा कि दिव्या भाभी अपनी साड़ी उतारने लगी और ब्लाउज उतार कर वो मेरे निकट आ गई और अपने पेटीकोट का नाड़ा मुझको थमाते हुए बोली- उतार दो सोमू ठाकुर, इसको भी उतार दो! इस साले को मज़ा ही नहीं आएगा जब तक यह मुझको तुमसे चुदते नहीं देख लेगा। साला अफीमची ठाकुर है, यह खुद तो कुछ कर नहीं सकता, दूसरों को करते देख कर इस को बड़ा आनन्द आता है… चोदो मुझको खुले आम चोदना सोमू यार!

मैं बुत बना बैठा रहा और विस्फरित नेत्रों से यह सब कुछ देख रहा था।तब शाम सिंह जैसे नींद से जगा हो, उठ कर दिव्या के पास गया और खींच के एक झापड़ उसके गालों पर मार प्रिया।यह देख कर मुझ को बड़ा ही क्रोध आया और मैं ने उठ कर शाम सिंह का हाथ पकड़ लिया और उस को जबरदस्ती अपनी सीट पर बिठा प्रिया।

दिव्या झट बोल पड़ी- सोमू, तुम रहने दो, हमारे बीच न पड़ो! ओए ठाकुर, तुम क्या चाहते हो अब?शाम सिंह गुस्से से बोला- तुमको चुदती हुई देखना चाहता हूँ?दिव्या भी गुस्से में बोली- तो क्या अभी तक ऊपर से देख नहीं रहे थे क्या?शाम सिंह हँसते हुए बोला- तुम तो जानती हो, गोली अंदर जाते ही मैं कई घंटे होश में नहीं होता। मैंने ऊपर से कुछ नहीं देखा।

अब दिव्या मुझ से अनुरोध करने लगी कि एक बार फिर मैं उसको चोद दूं।शाम सिंह बोला- सोमू, तुमको भी अपने सारे कपड़े उतारने पड़ेंगे।मैं घूरते हुए शाम सिंह को देखने लगा लेकिन फिर दिव्या ने आँखों ही आँखों में मुझ से इल्तजा की और मैं दिव्या भाभी की खातिर मान गया।

सारे कपड़े उतारने के बाद भी मेरा लंड खड़ा नहीं हुआ, वो शायद मेरे अंदर शाम सिंह के प्रति घृणा और क्रोध के कारण था। दिव्या ने झुक कर मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसको हल्के हल्के चूसने लगी।

पांच मिनट में ही मेरा लंड पुनः खड़ा हो गया, मैंने दिव्या भाभी को सीट के किनारे खड़ा किया और पीछे से उनकी चूत में लंड पेल प्रिया, पहले धीरे और फिर आहिस्ता से तेज़ी में लाते हुए मैं दिव्या भाभी को चोदने लगा।उधर शाम सिंह ने भी पैंट से अपना लौड़ा निकाल लिया था और धीरे धीरे मुठ मारने लगा था।

दिव्या भाभी के मोटे मम्मों को मैं पकड़ कर हल्के से मसल रहा था और उसके चूचुकों को उंगलियों में गोल गोल घुमा रहा था।जैसे ही मैंने चुदाई की स्पीड तेज़ की, शाम सिंह भी अपने बैठे हुए लौड़े के साथ तेज़ी करने लगा।

और अब जब मैंने दिव्या भाभी के चूतड़ों को अपने हाथ में पकड़ कर ज़ोरदार चुदाई शुरू कर दी तो शाम सिंह ने भी जल्दी से अपने लौड़े पर हाथ मारने शुरू कर दिए और जैसे ही भाभी के छूटने के आसार सामने आने लगे, मैंने भी लंड पिलाई अत्यन्त तेज़ कर दी।

कुछ देर में ही भाभी ज़ोरदार अकड़न और कंपकंपी के साथ झड़ गई और जैसे ही भाभी का स्खलन हुआ, शाम सिंह ने भी अपने लंड को भाभी के मम्मों के ऊपर रख कर ज़ोरदार पानी जैसे रंग वाली पिचकारी छोड़ दी।भाभी ने गहरी नफरत से अपना मुंह दूसरी तरफ फेर लिया।

यह सब मुझसे देखा नहीं जा रहा था लेकिन मैं अपने गुस्से पर काबू कर के चुप बैठा रहा और दिव्या भाभी के उदासी से भरे हुए चेहरे को देखता रहा।ठाकुर शाम सिंह मेरे पास आया और मुझ से हाथ जोड़ कर माफ़ी मांगने लगा और बोला- भैया मुझको माफ़ कर देना, कभी कभी नशे की हालत में मैं अपने पर काबू नहीं रख पाता। अब मैं फिर सोने जा रहा हूँ ऊपर की बर्थ पर… दिल्ली के आने से पहले मुझ जगा अवश्य देना।यह कह कर ठाकुर साहिब फिर ऊपर की बर्थ पर चढ़ कर सो गए।

थोड़ी देर बाद दिव्या भाभी ने मेरा हाथ अपनी चूत पर रख प्रिया जो उस वक्त भी खूब गीली हो रही थी।मैं सीट पर बैठ गया और भाभी को अपनी गोद में बिठा कर चोदने लगा। भाभी ने दोनों हाथ मेरी गर्दन में डाल रखे थे और अपने मम्मों को मेरी छाती से जोड़ रखा था जिससे वो एकदम वहाँ गायब हो गए लगते थे।

भाभी बड़ी कामुक हो रही थी, वो काफी तेज़ी से मुझको झूले की तरह आगे पीछे होते हुए चोद रही थी।जब भाभी का पानी फिर एक बार छूटा तो उसने मस्त तरीके से मुझको चूमा और मेरे होटों को हल्के से काट लिया और उसमें से निकलते हुए खून को भी वो चाट गई।

अब मैं अपनी सीट पर आया, अपने कपड़े पहन लिए और अपने बेड पर लेट गया।देखा कि भाभी भी पूरी तरह से कपड़े पहन कर अपने बिस्तर पर लेट गई थी।

सुबह करीब 7 बजे जब नींद खुली तो गाड़ी दिल्ली पहुँचने वाली ही थी।अपना होल्डाल बांधते हुए मैं तैयार हो गया और तभी शाम सिंह जी ने पूछा- क्यों भैया जी, आप कहाँ जायेंगे दिल्ली में?

मैंने जेब से एड्रेस का कागज़ निकाला और बोला- करोल बाग जाना है मुझको… आप लोग किस तरफ जा रहे हैं?शाम सिंह जो बोले- अरे हम ने भी करोल बाग़ ही जाना है! वहाँ किसके यहाँ जाना है तुमको?मैंने एड्रेस का कागज़ फिर पढ़ते हुए कहा- ठाकुर सूर्यवंशी के यहाँ जाना है मुझको!

शाम सिंह जी अब हँसते हुए बोले- वाह सोमू भैया, हमने भी वहीँ जाना है, आपकी क्या रिश्तेदारी है उनसे?मैं बोला- वो मेरे चाचा जी हैं! और आपकी क्या रिश्तेदारी है उनसे?शाम सिंह जी बोले- हमारे भी दूर के रिश्ते में मामा लगते हैं।

यह भी पढ़ें (Recommended)

चरित्र बदलाव-8

दिव्या भी हँसते हुए बोली- बहुत अच्छे, कुछ दिन और सोमू के साथ गुज़ारने को मिल जाएंगे। मामा जी के घर में मुझको सब जानते हैं और तुम मेरे साथ ही रहना… ठीक है?मैं भी मुस्कराते हुए बोला- ठीक है भाभी, आप ही मेरी रक्षा करना नई जगह और नए घर में!

स्टेशन से बाहर निकल कर हमने एक ही टैक्सी कर ली और करोलबाग पहुँच गए।वहाँ हमारा भव्य स्वागत हुआ, चाचा जी ने मुझको गले लगाया और सबसे कहा- देखो यह भुवनेश्वर का लड़का है। क्या कद काठी है, यह लगता है असली सूर्यवंशी ठाकुर!फ़िर मुझसे कहा- तुम्हारे पिताजी की चिठ्ठी मिल गई थी, अच्छा किया जो तुम आ गए, बड़ी ख़ुशी हुई तुम से मिल कर!

फ़िर जोर से आवाज लगा कर- अरे लड़को, ले जाओ इन सबको और ऊपर ठहरा दो! अच्छी तरह देख भाल करना इन सबकी!मेरा और शाम जी का सामान लड़के उठा कर ऊपर कमरे में ले गए, वहाँ दो पलंग बिछे थे, एक में मेरा सामान रख प्रिया और दुसरे में शाम सिंह जी का!दिव्या भाभी तो आते जाते कई बार मेरे चूतड़ों पर हाथ लगा गई थी।खाना खाने के बाद मैं अपने कमरे में आ कर लेट गया और जल्दी ही मेरी आँख लग गई।

थोड़ी देर बाद मुझको महसूस हुआ कि मेरे साथ कोई लेटा है, मैंने एक आँख खोल कर देखने की कोशिश की तो देखा कि मेरी दोनों तरफ साड़ी पहनी हुई औरतें हैं जिनके साड़ी पेटीकोट ऊपर को उठे हुए थे और उन दोनों के हाथ मेरे खड़े लौड़े के साथ खेल में मग्न थे।मैंने थोड़ा उठ कर देखा तो मेरे एक तरफ दिव्या भाभी थी और दूसरी तरफ कोई अंजान औरत थी।

मेरी पैंट के बटन खुले हुए थे और मेरा लंड हवा में हिनहिना रहा था, दूसरी औरत बड़ी ही मस्ती से मेरे लंड के साथ खेल रही थी।मैंने अपने लंड को हाथ लगाया तो वो एकदम गीला हो रहा था जैसे अभी चूत से निकला हो।

अब मुझको समझ आया कि मेरा तो चोदन इन दोनों औरतों ने दिन में ही कर प्रिया था।मैंने अब अपनी दूसरी तरफ दिव्या भाभी को देखा जो अपनी साड़ी उठाये मेरे साथ सोई थी और जब मैंने उसकी चूत को हाथ लगाया तो वो भी बहुत पनिया रही थी।

इधर वाली भाभी बोली- सॉरी लल्ला, तुमको जगाया नहीं क्यूंकि तुम बहुत गहरी नींद में सोये थे।मैं थोड़े गुस्से में बोला- आप कौन?भाभी मुस्करा कर बोली- मैं तुम्हारी रानी भाभी हूँ, तुम्हारे छोटे वाले भैया की बीवी। क्या मस्त लड़के हो सोमू तुम तो ! क्या मैंने तुम को चोदा है और तुम को ज़रा भी पता नहीं चला?? वैसे जैसे ही दिव्या ने बताया कि तुमने पिक्चर में डांसर का काम किया है और खूब सेक्सी डांस किया है तब से हम सब तुम्हारी फैंस बन गई हैं।

मैं बोला- भाभी क्या आप को डर नहीं लगा कि मैं उठ कर शोर मचा दूंगा?रानी भाभी मुस्कराते हुए बोली- नहीं रे, दिव्या ने बता प्रिया था कि तुम बड़े शरीफ लड़के हो और तुम कतई बुरा नहीं मानोगे। क्यों ठीक है ना?मैं थोड़ा मुस्करा प्रिया और अब ध्यान से रानी भाभी को देखने लगा, चेहरा तो खूबसूरत था ही, साथ में खूब मोटे स्तन और सफ़ेद पेट और सॉलिड गोल चूतड़ों को देख कर मेरा लौड़ा रानी भाभी की चूत में प्रवेश करने के लिए बेताब हो रहा था।

मैंने रानी भाभी को सीधा लिटा प्रिया और उनकी जांघों को चौड़ा करके मैं उनके ऊपर छा गया और अपने सॉलिड लंड को उबलती हुई चूत में डाल प्रिया।चूत इतनी ज़्यादा पानी की वजह से फिसलनी हो रही थी कि एक ही धक्के में लंड पूरा अंदर चला गया और भाभी ने अपनी टांगें सिकोड़ कर मेरी कमर के इर्द गिर्द लपेट दी और खूब मज़े से चुदवाने लगी।

भाभी की उम्र यही कोई 22-23 की होगी लेकिन ज़्यादा ना चुदे होने के कारण वो मस्ती भरी टाइट चूत की मालकिन थी।अब मैं भाभी के लबों को चूमते हुए कभी धीरे और कभी तेज़ चुदाई में लग गया। मेरे होंठ भाभी के सॉलिड मम्मों को भी चूस रहे थे और उसकी चूत की लंड पर पकड़ को भी महसूस कर रहे थे।

जब मैंने भाभी के चूतड़ों के नीचे अपने हाथ रख कर लंड से धक्के मारने शुरू किये तो मेरा लंड चूत की तह तक जा रहा था और भाभी हर धक्के से उत्तेजित होकर अपनी कमर को ऊपर उठा कर लंड का स्वागत कर रही थी।इस पोजीशन की चुदाई गर्भ स्थापन के लिए अति उत्तम होती है लेकिन भाभी ने इस काम के लिए कोई आग्रह नहीं किया था तो मैं उन को बगैर अपना छुटाए चोदता रहा।

थोड़ी देर की धुआंदार चुदाई के बाद भाभी पूरी तरह से स्खलित हो गई और अपने मम्मों को मेरी छाती से जोड़ कर मुझ से पूरी तरह से चिपक गई।मैं अभी भाभी के ऊपर से उतरा भी नहीं था कि कमरे का दरवाज़ा खटका और मैं जल्दी से दूसरे पलंग पर जा कर लेट गया और सोने का नाटक करने लगा।

रानी भाभी ने अपनी और दिव्या भाभी की साड़ी ठीक कर के दरवाज़ा खोल प्रिया।एक बड़ी ही शौख़ और चंचल लड़की अंदर घुस आई और गुस्से से बोली- रानी भाभी लेट रही हो, और वहाँ अम्मा तुम को ढूंढ ढूंढ कर थक गई हैं।रानी भाभी झट से उस लड़की के साथ बाहर निकल गई।

थोड़ी देर बाद मैं बाथरूम में घुसा और कुछ गर्मी लगने लगी तो सोचा नहा ही लेते हैं। तौलिया वहाँ पड़ा ही था सो निश्चिंत होकर मैं नहाने लगा।शावर के नीचे नहाने में मुझको बड़ा आनन्द आता था, मैं आँखें बंद कर के नहा रहा था कि अचानक मेरे कानों में किसी के मूतने की आवाज़ आई।

आँखें खोली तो देख कर हैरान रह गया कि वही शौख लड़की पॉट पर बैठी मूत रही थी और उसके बालों भरी चूत से गोल्डन धारा बड़ी तीव्र गति से बह रही थी।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मेरा गुप्त जीवन

कुल भाग: 189
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
भाग 110
भाग 110: पढ़ें
भाग 111
भाग 111: पढ़ें
भाग 112
भाग 112: पढ़ें
भाग 113
भाग 113: पढ़ें
भाग 114
भाग 114: पढ़ें
भाग 115
भाग 115: पढ़ें
भाग 116
भाग 116: पढ़ें
भाग 117
भाग 117: पढ़ें
भाग 118
भाग 118: पढ़ें
भाग 119
भाग 119: पढ़ें
भाग 120
भाग 120: पढ़ें
भाग 121
भाग 121: पढ़ें
भाग 122
भाग 122: पढ़ें
भाग 123
भाग 123: पढ़ें
भाग 124
भाग 124: पढ़ें
भाग 125
भाग 125: पढ़ें
भाग 126
भाग 126: पढ़ें
भाग 127
भाग 127: पढ़ें
भाग 128
भाग 128: पढ़ें
भाग 129
भाग 129: पढ़ें
भाग 130
भाग 130: पढ़ें
भाग 131
भाग 131: पढ़ें
भाग 132
भाग 132: पढ़ें
भाग 133
भाग 133: पढ़ें
भाग 134
भाग 134: पढ़ें
भाग 135
भाग 135: पढ़ें
भाग 136
भाग 136: पढ़ें
भाग 137
भाग 137: पढ़ें
भाग 138
भाग 138: पढ़ें
भाग 139
भाग 139: पढ़ें
भाग 140
भाग 140: पढ़ें
भाग 141
भाग 141: पढ़ें
भाग 142
भाग 142: पढ़ें
भाग 143
भाग 143: पढ़ें
भाग 144
भाग 144: पढ़ें
भाग 145
भाग 145: पढ़ें
भाग 146
भाग 146: पढ़ें
भाग 147
भाग 147: पढ़ें
भाग 148
भाग 148: पढ़ें
भाग 149
भाग 149: पढ़ें
भाग 150
भाग 150: पढ़ें
भाग 151
भाग 151: पढ़ें
भाग 152
भाग 152: पढ़ें
भाग 153
भाग 153: पढ़ें
भाग 154
भाग 154: पढ़ें
भाग 155
भाग 155: पढ़ें
भाग 156
भाग 156: पढ़ें
भाग 157
भाग 157: पढ़ें
भाग 158
भाग 158: पढ़ें
भाग 159
भाग 159: पढ़ें
भाग 160
भाग 160: पढ़ें
भाग 161
भाग 161: पढ़ें
भाग 162
भाग 162: पढ़ें
भाग 163
भाग 163: पढ़ें
भाग 164
भाग 164: पढ़ें
भाग 165
भाग 165: पढ़ें
भाग 166
भाग 166: पढ़ें
भाग 167
भाग 167: पढ़ें
भाग 168
भाग 168: पढ़ें
भाग 169
भाग 169: पढ़ें
भाग 170
भाग 170: पढ़ें
भाग 171
भाग 171: पढ़ें
भाग 172
भाग 172: पढ़ें
भाग 173
भाग 173: पढ़ें
भाग 174
भाग 174: पढ़ें
भाग 175
भाग 175: पढ़ें
भाग 176
भाग 176: पढ़ें
भाग 177
भाग 177: पढ़ें
भाग 178
भाग 178: पढ़ें
भाग 179
भाग 179: पढ़ें
भाग 180
भाग 180: पढ़ें
भाग 181
भाग 181: पढ़ें
भाग 182
भाग 182: पढ़ें
भाग 183
भाग 183: पढ़ें
भाग 184
भाग 184: पढ़ें
भाग 185
भाग 185: पढ़ें
भाग 186
भाग 186: पढ़ें
भाग 187
भाग 187: पढ़ें
भाग 188
भाग 188: पढ़ें
भाग 189
भाग 189: पढ़ें
भाग 190
भाग 190: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

चरित्र बदलाव-8
भाभी की चुदाई

चरित्र बदलाव-8

नए पाठकों से निवेदन है कि पहले की कहानी जानने के लिए पहले के सातों भाग पढ़ें.

12 मिनट 252
Pehla Sex Apni Madam K Sath
भाभी की चुदाई

Pehla Sex Apni Madam K Sath

Hello friends ye meri pehli story hai. Mera naam Amit hai or main 20 saal ka hu. Story kuch is tarahhai ki :-

9 मिनट 640
Sexy Bhabhi Ki Chudai
भाभी की चुदाई

Sexy Bhabhi Ki Chudai

Hello dosto mera naam Ajay hai me 12th pass kar k apne chachere bhai ye yaha padhne gaya wo bhar nokari karta hai uski shadi ko 3 saal ho gaye hai uski shadi usi city me hui jaha wo job karta tha, ye indian sex story unhi ke bare me hai.

11 मिनट 932

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।