यश देव
सत्यापित कहानीकार (Verified)@yasha-thava
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
यश देव की रचनाएं
मेरा गुप्त जीवन- 118
लेकिन मैं वाकयी में उन तीनों से बहुत ही ज़्यादा प्रभावित हुआ जब वो तीनों ने मिल कर मेरी पैंट के अंदर मेरा लौड़ा डाल कर पैंट के खुले बटन भी बंद कर दिए और फिर वो तीनों वहाँ से हटी।
मेरा गुप्त जीवन- 117
फिर उसने अपने गरम होंट मेरे होंटों पर रख दिए और एक बहुत ही कामातुर जफ्फी मारी।मैं थोड़ा घबरा के बोला- यह क्या कर रही हो जूली?जूली बोली- मैं तुमको फक करना चाहती हूँ!मैं बोला- अच्छा! फक करना चाहती हो तो आओ फिर, देख क्या रही हो?जूली बोली- क्या तुम नही...
मेरा गुप्त जीवन- 116
अगले दिन सुबह कोई 10 बजे के करीब एक मिनी बस हवेली के बाहर आकर रुकी और उसमें से 10-12 लड़कियाँ निकली।रूबी मैडम ने उनका स्वागत किया।
मेरा गुप्त जीवन- 115
सरपट घोड़े को भगाते हुए उसको चोदने लगा और चंद मिनटों में रूबी ‘हाय हाय मी जातोस मी जातोस रे…’ कहते हुए ढेर हो गई।मैंने अपना लंड रूबी की फड़कती चूत से निकाला और कम्मो ने उसको तौलिये से साफ़ कर प्रिया और रूबी की चूत को भी साफ़ कर प्रिया।
मेरा गुप्त जीवन- 114
मैं बोला- आप बेफिक्र रहिये यह सब हो जाएगा। अब आप कपड़े पहन लीजिये वापस चलते हैं!मैडम बोली- सोमू यार, तुमने यह कहानी सुना कर मुझको फिर गर्म कर प्रिया है… एक बार और चोद दो मुझे प्लीज?मैडम ने मेरे लंड को पकड़ रखा था और वो उसके संग खेल भी रही थी।
मेरा गुप्त जीवन- 113
थोड़ी देर में मीनू मैडम झड़ने के करीब पहुँच गई थी, उसकी आँखें मुंदी हुई थी, होंट खुले हुए थे, सांसें तेज़ चल रही थी और मैं पूरे जोश और खरोश से लंड के धक्के मार रहा था।
मेरा गुप्त जीवन- 112
अगले दिन पापा ने मुझको नाश्ते के टेबल पर बताया- बॉम्बे से फिल्म वाले आने वाले हैं और वो यहाँ गाँव में फिल्म की शूटिंग करने आ रहे हैं, उस फ़िल्म का फ़ाइनेंस भी हम कर रहे हैं।मैं एकदम से खुश हो गया और बड़े ही जोश में पूछने लगा- पापा कौन सी फिल्म की शूट...
मेरा गुप्त जीवन- 111
सुबह उठे तो मेरी चाय फुलवा ले कर आई और मैं फुलवा को देख कर हैरान रह गया।चाय उसके हाथों से लेने से पहले मैंने उठ कर उसको एक बड़ी ही सेक्सी जफ्फी मारी और एक गरमागरम चुम्मी उसके होटों पर दे दी।
मेरा गुप्त जीवन- 110
कम्मो मुस्कराते हुए बोली- मैं उस दिन ही समझ गई थी कि आपकी नज़र इस काले हीरे पर ज़रूर पड़ेगी, मैंने उसके बारे में पूरा पता कर लिया है और समय आने पर उसको भी आपकी झोली में ज़रूर डाल दूँगी।मैं इतना ज़्यादा खुश हो गया कि मैंने कम्मो को बाहों में भर कर एक ज़ो...
मेरा गुप्त जीवन- 109
मैंने कहा- कम्मो, तुमको भी यहाँ सोना पड़ेगा आज की रात और मैं छोड़ूंगा नहीं तुमको भी!कम्मो हँसते हुए बोली- मत छोड़ना मुझको लेकिन भाभी का काम कर दो, वरना वो बच्चा कहाँ से लाएगी अपने जीवन में!मैं बोला- भाभी की मुराद तो पूरी करनी ही है लेकिन उनसे पूछ लो ...
मेरा गुप्त जीवन- 108
कम्मो कहने लगी- अभी तो रात के 11 बजे हैं आप कम से कम दो और लड़कियों का काम कर सकते हैं, क्यों छोटे मालिक?मैं बोला- मुझको तो कोई ऐतराज़ नहीं लेकिन कम्मो डार्लिंग क्या यह सब मम्मी के जागते हुए संभव है क्या? अभी हमने रिस्क लिया था लेकिन रिस्क बार बार ल...
मेरा गुप्त जीवन-107
कपड़े पहन कर हम वहाँ से निकले लेकिन मैंने जाने से पहले चौकीदार को 10 रूपए इनाम में दिये।घर पहुँचे तो देखा सब सो रहे है और मैं भी अपने कमरे में जा कर सो गया।शाम को उठा तो कम्मो चाय ले कर आ गई और बोली- छोटे मालिक आज का क्या प्रोग्राम है?मैं बोला- आपक...