यश देव
सत्यापित कहानीकार (Verified)@yasha-thava
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
यश देव की रचनाएं
मेरा गुप्त जीवन- 82
आज मैंने बड़े दिनों बाद अपनी क्लास में बैठे लड़के और लड़कियों को ध्यान से देखा और परखा।लड़कियाँ अक्सर आगे के दो बेंचों पर बैठती थी लेकिन मैं हर रोज़ आखरी बेंच पर ही बैठ पाता था.आज जब जल्दी से मैं क्लास में घुसा तो एक लड़की जो बाहर जा रही थी वो मुझ से टक...
मेरा गुप्त जीवन- 81
अगले दिन कॉलेज गया तो हिना गेट पर ही मिल गई और बोली- सोमू मैडम तुम को याद कर रही थी, लंच टाइम में उनको प्रोफेसर्स के कमरे में मिल लेना।मैंने हामी में सर हिला प्रिया और अपनी क्लास में चला गया।
मेरा गुप्त जीवन- 80
टिन्नी बोली- दीदी का काम कर प्रिया सोमू?मैं घबरा कर बोला- दीदी का कौन सा काम?मिन्नी बोली- वही… जिसके लिए तुम पर दीदी बार बार दाना फैंक रही थी?मैं बोला- कौन सा दाना और कैसा दाना? बताओ न प्लीज?टिन्नी बोली- तुम मेरे सामने प्लीज वलीज़ ना करो और सीधे से ब...
मेरा गुप्त जीवन- 79
अभी हम यह बातें कर ही रहे थे की फ़ोन की घंटी बजी।मैंने फ़ोन सुना और वो मम्मी जी का था।
मेरा गुप्त जीवन- 78
मेरा लाला लंडम बहुत ही खूंखार मूड में था। मैं हिना को लेकर बेड में आ गया, निर्मला के पास ही उसको घोड़ी बनने के लिए कहा और खुद पीछे से उस पर बड़ा तीव्र हमला बोल प्रिया।निर्मला भी यह खेल देख रही थी।
मेरा गुप्त जीवन- 77
सब लड़कियों के जाने के बाद मैं और कम्मो बैठक में बैठे थे और सोच रहे थे कि हमारा जीवन किस दिशा की ओर जा रहा है।कॉलेज ग्रुप सेक्स तो एक बुरा एक्सपेरीमेंट था क्योंकि मैं समझता हूँ सबसे कमज़ोर कड़ी वो लड़के थे जिनको इस ग्रुप में शामिल किया गया था।हिना ने ...
मेरा गुप्त जीवन -76
कम्मो ने कहा- अब आप अपने साथी को अपने पास ला सकते हैं और आगे का कर्यक्रम शुरू कर सकते हैं, लेकिन याद रहे कोई भी ऐसी हरकत ना करें जो आपके पार्टनर को मंज़ूर न हो।हिना धीरे धीरे चल कर मेरे पास आई, हम दोनों ने हाथ मिलाया, फिर हिना मेरे खड़े लंड को दखने ...
मेरा गुप्त जीवन -75
कुछ दिन बीत जाने के बाद मुझको उर्मि फिर कॉलेज में मिली और बोली- तुमसे ज़रूरी बात करनी है, आओ कैंटीन चलते हैं।मैं उसके पीछे चलते हुए कैंटीन पहुँच गया और वो एक टेबल पर बैठते हुए बोली- सोमू यार कुछ खाओगे या पियोगे?मैं बोला- तुम बोलो, क्या लाऊँ तुम्हार...
मेरा गुप्त जीवन -73
अगले दिन दोपहर को कॉलेज कैंटीन में शानू और बानो तो आ गई लेकिन उर्मि नहीं आई।हम तीनो कैंटीन में इंतज़ार कर रहे थे, कोई 10 मिन्ट की इंतज़ार के बाद उर्मि भी आ गई।
मेरा गुप्त जीवन-72
थोड़ी देर बाद नाश्ता करके भैया और भाभी अपनी कार में बैठ कर गाँव चले गए, मैं भी नाश्ता करके कॉलेज चला गया।आज कॉलेज के मुख्य गेट पर मुझको शानू और बानो मिल गई।पाठकों को याद होगा नैगीताल ट्रिप में ये लड़कियाँ उन चार लड़कियों का ग्रुप था जो मेरे संपर्क मे...
मेरा गुप्त जीवन -71
सुबह उठा तो देखा कि कम्मो रानी तो नहीं थी लेकिन भाभी मस्त सोई थी। मैं उठा और टेबल पर रखी चाय पीकर अपने कपड़े पहनने लगा।तब तक मैं नंगी लेटी भाभी के जिस्म को ही देखता रहा, एकदम लेटी औरत सदा ही काफी सेक्सी लगती है।