यश देव
सत्यापित कहानीकार (Verified)@yasha-thava
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
यश देव की रचनाएं
मेरा गुप्त जीवन -70
थोड़ी देर बाद वो भाभी को शादी वाले जोड़े में सजा कर लाई मेरे कमरे में! आते ही उसने कहा- हज़ूर नवाब साहिब, आपकी मलिका सुहागरात के लिए तैयार है।मैं भी उसी लहजे में बोला- ऐ हसीं बांदी, क्या तुम्हारी मलिका हुसन का मुजस्मा है?वो बोली- आप खुद ही उनका दीदार...
मेरा गुप्त जीवन -69
फिर भाभी ने कम्मो और पारो को 100-100 रूपए का इनाम प्रिया और उन दोनों को बड़ा धन्यवाद प्रिया कि बड़ा अच्छा प्रोग्राम हो गया।फिर वो दोनों नंगे ही अपने कमरे में चले गए।
मेरा गुप्त जीवन-68
कम्मो बोली- यह सब कमाल है स्पेशल डिश का है, उसने जिताया इनको और हराया हमको!भाभी बोली- वो कैसे?कम्मो बोली- वो ऐसे कि यह डिश ख़ास तौर से आदमियों के लिए बनाई जाती है और यह बड़े बड़े नवाबों की ख़ास-उल-ख़ास डिश होती थी और इस हलवे को खाकर वो एक रात में दर्जन...
मेरा गुप्त जीवन -67
फिर हम सब काफी थक चुके थे सो वो हम सब फर्श पर गद्दे बिछा कर एक दूसरे की बाँहों में सो गए।अगले दिन हम सब उठे और रात की ग्रुप चुदाई से सभी काफी खुश थे, सबके दिलों के अरमान पूरे हो चुके थे।कम्मो ने हम सबको मेरे कमरे में ही चाय-वाय पिलाई।
मेरा गुप्त जीवन -66
मैं भी मस्ती में था, कम्मो को एक मीठा सा चुम्बन प्रिया और कहा- कम्मो मेरी जान, आज इतवार है, कहीं भी नहीं जाना है। सिवाए तुम लोगों की चुदाई के और क्या काम है मेरे पास?कम्मो अब हंसने लगी और मुझको आलिंगन में ले लिया और खूब मुंह चूमने लगी।
मेरा गुप्त जीवन -65
जब उठा तो भाभी जा चुकी थी सिर्फ मैं ही लेटा हुआ था एकदम नंगा। मैं उठ कर नहाने चला गया और फ्रेश होकर बैठक में आकर बैठ गया जहाँ कम्मो मेरे लिए चाय ले आई थी।चाय पीते हुए हम दोनों भैया के बारे में सोचते रहे कि कैसे मनाया जाए उनको!
मेरा गुप्त जीवन-64
जब मैं कॉलेज से वापस आया तो कम्मो मुझको बैठक में मिली और बोली- भाभी तुम्हारा खाने पर इंतज़ार कर रही है।
मेरा गुप्त जीवन -62
दो दिन बाद जब मैं कॉलेज से घर आया तो कम्मो ने बताया- सुमी और शांति आज फिर आने वाली हैं..मैं बोला- ठीक है मैं तब तक खाना खा लेता हूँ, तुम ने उनको सारी बात समझा दी है न?कम्मो बोली- बिल्कुल समझा प्रिया है। आज मैंने आपके लिए बकरे के पाये का सूप बनवाया ह...
मेरा गुप्त जीवन -61
रात को कम्मो से सोने से पहले मैंने बात की, मैंने उसको बताया कि यह हमारी कोठी में औरतों का बहुत आना जाना हमारे लिए शायद ठीक नहीं होगा आगे चल कर के… इसका कुछ उपाय सोचना चाहिये।कम्मो बोली- आप ठीक कह रहे हो छोटे मालिक, आप बताओ क्या करें?
मेरा गुप्त जीवन -60
कुछ दिन ऐसे ही बीत गए और हम सिर्फ कम्मो, पारो और मैं ही आपस में रोज़ मिल लेते थे रात को..एक दिन कॉलेज से लौटा ही थी कि कम्मो आ गई और आते ही मुझको एक बहुत सख्त आलिंगन किया उसने, मैंने भी जफ़्फ़ी का जवाब जफ़्फ़ी से प्रिया और एक ज़ोरदार चुम्मा किया उसको लबों...
मेरा गुप्त जीवन-59
शाम को घर पहुंचा तो विनी बैठक में मिल गई और बोली- मेरी फ्रेंड्स आ रही हैं आज शाम को।मैं बोला- अच्छा है, कौन कौन हैं वो?विनी बोली- वही जो पिछली बार भी आई थी, छवि और सोनाली। वो दोनों भी आप से अपने इंजन की सर्विस करवाना चाहती हैं, ठीक है?
मेरा गुप्त जीवन -58
मैं हँसते हुए बोला- कम्मो यह सब तुम ने ही तो सिखाया है यार! तुम्हारी चूत की कसम!खूब हँसते रहे हम दोनों और फिर मैं कॉलेज के लिए चल पड़ा।