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भाई बहन पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 1,080 बार

चूत एक पहेली -70

पिंकी सेन

02 May 2026 को प्रकाशित

चूत एक पहेली -70
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पुनीत- थोड़ा रेस्ट लेने दे मेरी जान.. वैसे भी दवाई ली हुई है.. अभी 5 मिनट में लौड़ा खड़ा हो जाएगा। उसके बाद ना कहना कि बस करो मैं थक गई हूँ.. तेरी चूत की प्यास मिटा कर दोबारा गाण्ड मारूँगा तेरी..काजल- हाँ मार लेना.. मगर रस मेरी चूत में ही डालना.. बड़ा सुकून मिलता है.. जब चूत में गर्म रस अन्दर जाता है।पुनीत- अब तेरा सूसू नहीं आ रहा क्या.. गाण्ड मारने के वक्त तो बहुत चिल्ला रही थी तू?काजल- उस वक्त आया था.. अब नहीं आ रहा है।पुनीत- जाओ कर लो.. नहीं लौड़ा अन्दर जाएगा तो दोबारा बोलोगी.. तब तक मैं थोड़ा रेस्ट कर लूँ।काजल- हाँ सही कहा आपने.. चुदाई के वक्त फिर से आ गया तो हमारा मज़ा खराब हो जाएगा।

अब आगे..

काजल जब उठी तो उसको गाण्ड में दर्द महसूस हुआ.. वो जब चलने लगी तो उसकी चाल बदल गई दर्द की वजह से.. वो कूल्हे उठा कर चल रही थी। काजल गाण्ड को मटकाती हुई सीधी बाथरूम की तरफ़ चली गई।

पुनीत आराम से लेटा हुआ था तभी उसके दिमाग़ में कोई बात आई और वो उठकर सीधा बाथरूम की तरफ़ भागा और दरवाजे को हाथ लगाया तो वो खुल गया। काजल बस कमोड पर बैठी ही थी कि पुनीत को देख कर खड़ी हो गई और चौंकती हुई बोली- ओह्ह.. गॉड.. ये क्या है भाई मैं तो डर गई.. आपने ऐसे अचानक कितनी ज़ोर से दरवाजा खोला?पुनीत- अच्छा हुआ तूने सूसू नहीं किया.. मेरा भी सूसू आया है चल दोनों साथ में करेंगे.. मज़ा आएगा..काजल- हा हा हा भाई.. कुछ भी सूसू साथ में करने में क्या मज़ा?पुनीत- तू देख तो सही.. मैं क्या करता हूँ.. मज़ा ना आए तो कहना..काजल- जो करना है जल्दी करो.. अब मुझसे रुका नहीं जा रहा.. बड़े ज़ोर का सूसू आया है।

पुनीत कमोड पर बैठ गया और काजल को करीब खींच कर अपनी जाँघों पर बिठा कर उसके मम्मों को चूसने लगा। उसका लौड़ा एकदम कड़क हो गया.. तो उसने काजल की चूत पर लौड़ा टिका प्रिया और हल्का सा अन्दर घुसा प्रिया।

काजल- आह्ह.. भाई क्या कर रहे हो.. पहले सूसू तो करने दो.. आप बाद में आराम से चोद लेना।पुनीत- मेरी जान.. मैं चोद नहीं रहा हूँ.. अब तू ज़ोर लगा के सूसू कर.. देख कितना मज़ा आता है..

काजल को बात समझ आ गई.. तो वो मुस्कुराने लगी और पुनीत के गले में हाथ डालकर एक किस कर प्रिया।

पुनीत- अब सूसू करो.. मैं धीरे-धीरे तुम्हारी चूत में लौड़ा डालूँगा.. बहुत मज़ा आएगा।

काजल ने सूसू करना शुरू कर प्रिया उसकी चूत से सीटी की आवाज़ निकलने लगी.. उसकी गर्म-गर्म सूसू पुनीत की जाँघों पर लगी.. तो उसको बहुत मज़ा आया और उसी पल पुनीत ने भी सूसू की धार काजल की चूत में मार दी। काजल एकदम से चिहुँक सी गई.. उसको चूत में अजीब सा अहसास होने लगा।

जब दोनों सूसू कर चुके तो एक-दूसरे को देख कर हँसने लगे।

काजल- हा हा हा भाई आपकी सूसू कितना गर्म थी.. मेरी चूत की सिकाई हो गई.. थोड़ा सा गाण्ड में भी कर देते तो मज़ा आ जाता।पुनीत- तेरी चूत से कौन सी कोल्ड ड्रिंक बाहर आई है.. वो भी गर्म ही थी और तेरी गाण्ड वाली इच्छा भी दोबारा में पूरी कर दूँगा।काजल- भाई आपकी पूरी जाँघें और पेट सूसू से सन गया है.. पहले नहा लें.. उसके बाद कमरे में जाएँगे.. नहीं तो पूरा बिस्तर खराब हो जाएगा और बदबू भी आएगी..

पुनीत- ठीक है मेरी जान.. लेकिन ऐसा मत कहो कि बदबू आएगी.. ये तो अमृत है.. मेरा तो दिल करता है तेरी चूत से निकला इसका एक-एक कतरा पी जाऊँ।काजल- छी: छी: कितने गंदे हो आप.. सूसू पीने की बात कर रहे हो..पुनीत- अरे मजाक कर रहा हूँ मेरी जान.. वैसे भी सूसू पीकर मुझे बीमार नहीं होना.. इसमें एसिड होता है।काजल- अच्छा अब बातें बंद.. नहाना शुरू.. ठीक है ना भाई।

इतना कहकर काजल खड़ी हो गई और शावर चालू कर प्रिया, दोनों मस्ती में नहाने लगे।आधा घंटा मस्ती करने के बाद दोनों की उत्तेजना बढ़ गई और वहीं शावर के नीचे पुनीत ने काजल को दीवार के सहारे घोड़ी बनाया और उसकी चूत में लौड़ा घुसा प्रिया और स्पीड से चोदने लगा।

काजल- आ आह्ह.. फक मी ब्रो.. आह्ह.. फक मी हार्ड.. आह्ह.. फास्ट ऐइ.. आइ.. आह्ह.. फास्ट ब्रो.. आह्ह.. उई.. मजा आ रहा है..काजल की बातों से पुनीत को और जोश आ गया, वो उसकी कमर पकड़ कर ज़ोर से चोदने लगा।दस मिनट में काजल की रसधार बह गई.. मगर पुनीत तो अभी बाकी था.. वो कहाँ रुकने वाला था। वो ‘दे दना दन’ चोदता रहा।

काजल- आ आह्ह.. भाई.. आह्ह.. चूत ही आ आह्ह.. मारते रहोगे क्या.. आ आह्ह.. दर्द होने लगा है.. अब तो गाण्ड भी खुल गई है.. तो उसमें पेल दो न..पुनीत- हाँ मेरी रानी.. मन तो मेरा भी तेरी गाण्ड मारने का ही है.. मगर मैं तुम्हारे कहने का वेट कर रहा था।इतना कहकर पुनीत ने लौड़ा चूत से निकाला और ‘ठप’ से पूरा एक साथ गाण्ड में घुसा प्रिया।

काजल- ऐइ.. मर गई रे.. आह्ह.. भाई आराम से डालो ना.. आह्ह.. आज ही तो गाण्ड की ओपनिंग हुई है.. आह्ह..पुनीत- क्या करूँ जान.. तुम्हारी टाइट गाण्ड को जल्दी से खोलना चाहता हूँ मैं ताकि फिर तुम्हें तकलीफ़ ना हो।पुनीत स्पीड से काजल की गाण्ड मारने लगा।

करीब 20 मिनट बाद काजल दोबारा गर्म हो गई.. उसकी चूत फिर से रिसने लगी और पुनीत का लौड़ा भी अब आग उगलने को बेताब था.. तो उसने लौड़ा गाण्ड से निकाल कर चूत में घुसा प्रिया। जल्दी ही उसका लावा फूट गया.. उसके साथ साथ काजल भी झड़ गई।काजल- आह्ह.. उफ़फ्फ़.. मज़ा आ गया भाई.. आपके रस से चूत को सुकून मिलता है.. आह्ह.. आज तो मज़ा आ गया।पुनीत- उफ्फ.. मज़ा तो मुझे आ रहा है तेरी चूत और गाण्ड इतनी टाइट है कि क्या बताऊँ.. आज की पूरी रात तेरी इतनी चुदाई करूँगा कि बस तू याद करेगी।

काजल- हाँ भाई.. जितना चोदना हो.. चोद लो.. कल तो पार्टी है ना.. रात को लेट आएँगे.. तो क्या पता चुदाई कर पाए या नहीं.. सही है ना..पुनीत- हाँ सही कहा.. चल अब तेरी एक इच्छा और पूरी कर देता हूँ.. बड़े ज़ोर का सूसू आई है.. तेरी गाण्ड में गर्म सूसू करके तुझे मज़ा देता हूँ.. तू भी क्या याद करेगी अपने भाई को.. चल घोड़ी बन जा जल्दी से..

काजल घोड़ी बन गई.. पुनीत का लौड़ा पूरा तो कड़क नहीं था.. मगर उसने दोनों हाथों से काजल की गाण्ड को फैला कर लौड़े का सुपारा गाण्ड में फँसा प्रिया और ज़ोर लगा कर सूसू करने लगा।काजल- आह्ह.. भाई.. कितना गर्म है.. मज़ा आ गया आह्ह..

उसके बाद दोनों ने बाथ ली.. और कमरे में चले गए। वहाँ जाकर काजल ने कहा कि उसको भूख लगी है तो पुनीत कुछ फ्रूटस ले आया और दोनों मज़े से बैठ कर खाने लगे।

पुनीत- काजल अब तो तुम पूरी खुल गई हो.. अब तुम्हें चुदाई से कोई डर नहीं है ना..काजल- हाँ भाई सही कहा आपने.. अब आप जैसे चाहो जब चाहो.. मुझे चोद कर मज़ा ले सकते हो।पुनीत- काजल फार्म पर जो गेम होगा उसमें अगर मैं हार गया तो?काजल- नहीं भाई ऐसी बात मत करो.. नहीं मुझे सबके सामने नंगा होना पड़ जाएगा।पुनीत- काजल मैंने तुमसे एक बात छुपाई है।काजल- क्या भाई बताओ ना प्लीज़?

पुनीत ने गेम के बारे में सब कुछ काजल को बता प्रिया.. जिसे सुनकर उसके होश उड़ गए.. वो गुस्से से लाल हो गई।काजल- आपका दिमाग़ तो खराब नहीं हो गया भाई.. ऐसे कैसे आप ऐसी गेम के लिए मान गए.. नो नो.. मैं आपके साथ वहाँ नहीं जाने वाली ओके..

काजल के गुस्से को देख कर पुनीत थोड़ा डर गया.. मगर उसने बहुत प्यार से काजल को समझाया कि वो किसी हाल में नहीं हारेगा और अगर हर भी गया तो काजल को कुछ होने नहीं देगा.. उसकी बातों से काजल थोड़ी शान्त हुई और उसने ‘हाँ’ कह दी।

काजल- अच्छा भाई आप हार गए तो कैसे मुझे सब से बचाओगे?पुनीत- पैसे का लालच दूँगा.. अगर नहीं माना तो उसके पैर पकड़ कर गिड़गिड़ाऊँगा.. मगर मैं तुम्हें कुछ नहीं होने दूँगा।

काजल- दिमाग़ खराब है क्या.. आप उस टोनी के सामने गिड़गिड़ाओ… इससे अच्छा तो मैं चुद ही जाऊँगी.. नहीं भाई अब आप डरो मत.. जो होगा देखा जाएगा.. अगर आप हार गए.. तो मैं उन सबको ठंडा कर दूँगी.. बस आप कोई सेक्स पावर की गोली मुझे लाकर दे देना ताकि सबको ठंडा आराम से कर सकूँ.. और मेरा कम से कम पानी निकले।

पुनीत- ये हुई ना बात.. मुझे पता था मेरी बहन इतनी कमजोर नहीं है और वैसे भी तेरी चूत और गाण्ड को मैंने अच्छे से खोल प्रिया है.. अब उन टुच्चे लोगों से क्या डरना।काजल- हाँ सही है.. मगर एक प्राब्लम है.. रॉनी भी तो वहीं होगा.. उसके सामने मैं कैसे ये सब कर पाऊँगी भाई?पुनीत- अरे अब उसको कहाँ बीच में ले आई.. गेम के बारे में उसको सब पता है.. बस हमने जो चुदाई की.. ये बात उसको पता ना लगे.. बाकी तो सब वो जानता ही है।

काजल- अच्छा तो सबके साथ कहीं वो भी मुझे चोद ले.. तो?पुनीत- पागल जैसी बात मत करो.. तुम उसकी बहन हो.. वो कैसे करेगा?काजल- बहन तो आपकी भी हूँ.. वो भी सग़ी.. तो आपने कैसे चोद लिया?

दोस्तो, उम्मीद है कि आपको कहानी पसंद आ रही होगी.. तो आप तो बस जल्दी से मुझे अपनी प्यारी-प्यारी ईमेल लिखो और मुझे बताओ कि आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है।

कहानी जारी है।support@mohakkisse.com

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