किस्से पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 329 बार

मेरा गुप्त जीवन -75

यश देव

25 Feb 2014 को प्रकाशित

मेरा गुप्त जीवन -75
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

कुछ दिन बीत जाने के बाद मुझको उर्मि फिर कॉलेज में मिली और बोली- तुमसे ज़रूरी बात करनी है, आओ कैंटीन चलते हैं।मैं उसके पीछे चलते हुए कैंटीन पहुँच गया और वो एक टेबल पर बैठते हुए बोली- सोमू यार कुछ खाओगे या पियोगे?मैं बोला- तुम बोलो, क्या लाऊँ तुम्हारे लिए?उर्मि बोली- कुछ नहीं चाहिए यार, क्या तुम मेरे घर आ सकते हो थोड़े टाइम के लिए?

मैं बोला- क्या काम है उर्मि, बोलो?उर्मि बोली- मेरी एक क्लास फेलो तुमसे मिलना चाहती है।मैं बोला- कब और कहाँ?उर्मि बोली- मेरे घर में, आज ही!

मैं बोला- ऐसा क्या काम आन पड़ा तुम्हारी सहेली को जो मुझको बुलाना चाहती है वो?उर्मि बोली- मैं उसको बुला लाती हूँ तुम यहीं रुको।मैं वेट करने लगा और थोड़ी देर में वो एक अपने जैसी ही खूबसूरत लड़की को साथ लेकर आ गई।

उसने हम दोनों को मिलवाया। उस लड़की का नाम हिना था और वो एक बड़े ही अमीर घराने से थी, वो कॉलेज अपनी कार में आया जाया करती थी।हम दोनों ने हेलो किया एक दूसरे को!फिर मैं चुपचाप वेट करने लगा कि इस लड़की को क्या काम हो सकता है मुझसे।

हिना बोली- देखो सोमू, मुझको तुम्हारी कुछ खासियतें पता चली हैं जिन पर मुझको कतई विश्वास नहीं, तो मैं चाहती हूँ कि मैं खुद उनको जांच लूँ?मैं गुस्से में कांपने लगा था लेकिन मैंने बड़ी मुश्किल से अपने आपको संभाला और बड़े ही संयत स्वर में बोला- देखिये मैडम, मुझमें कोई भी ऐसी खासियत नहीं है जिसकी आपको जांचने की ज़रूरत पड़े, थैंक यू मैडम, बाय मैडम और बाय उर्मि!यह कह कर मैं वहाँ से उठ आया और अपनी क्लास की तरफ जाने लगा।

तभी उर्मि ने मुझको आवाज़ दी- रुको सोमू, बात तो सुन लो पूरी हिना की..मैं बोला- मैंने कोई बात नहीं सुननी, ओके बाय।मैं फिर मुड़ कर जाने लगा कि हिना मेरे निकट आ गई और बोली- मुझको माफ़ करना सोमू, मुझको ऐसी बात नहीं करनी चाहिए थी।

मैं चुप रहा।तब हिना फिर बोली- एक बार मेरी बात सुन तो लो यार सोमू।

मैं बोला- वैरी सॉरी हिना जी, वास्तव में जब आप ने मेरी खासियतों की जांच की बात की तो मुझको गुस्सा आ गया था। मुझमें ऐसी कोई भी खासियत नहीं है जो दूसरे लड़को में न हो!हिना बोली- सॉरी यार, मुझसे गलती हुई थी, अच्छा ऐसा है मैं एक प्रोग्राम बनाना चाहती हूँ जिसमें सिर्फ हम 4 लड़के फ्रेंड्स और 4 लड़कियाँ सहेलियाँ होंगे।मैं बोला- फिर क्या होगा।?

हिना बोली- मैं एक बहुत बड़े बंगले में रहती हूँ लखनऊ में जो मेरे पिताजी का है और वो इस शहर के बहुत ही अमीर आदमी हैं। कुछ दिनों के लिए मेरी सारी फैमिली लखनऊ से बाहर जा रही है तो मैंने सोचा कि क्यों न मैं अपने बंगले में एक नाईट पार्टी अपने फ्रेंड्स के साथ करूँ।मैं बोला- लेकिन मैं तो आपका दोस्त नहीं हूँ फिर मेरा क्या काम उसमें?हिना बोली- मैं तुमको अपना दोस्त ही तो बनाना चाहती हूँ सोमू यार!

मैं बोला- ठीक है मैं दोस्ती के लिए तैयार हूँ लेकिन आप पहले मेरी कोठी में आओ तो सही, मुझको मेहमान नवाज़ी का मौका तो दो, फिर देखेंगे आगे की पार्टी का!हिना बोली- ठीक है, कल मैं तुमसे आगे बात करूंगी, ओके बाय!

मैं भी अपने टाइम पर कॉलेज से वापस घर आ गया और खाना वगैरह खा कर कुछ देर के लिए सो गया। शाम को कम्मो को सारी बात बताई और पूछा- क्या कल अपने दोस्तों को यहाँ बुला लूँ?कम्मो बोली- हाँ हाँ बुला लो न, मैं सब इंतज़ाम कर दूंगी।

अगले दिन कॉलेज खत्म होने पर हिना, उर्मि और उसकी कुछ फ्रेंड्स मुझको कैंटीन में मिले, सबसे परिचय करवाया गया। फ्रेंड्स में 2 लड़के और एक लड़की थी।

लड़कों के नाम विनोद और राज थे और लड़की का नाम निशि था। यह सब साइंस के विद्यार्थी थे जबकि मैं और उर्मि और निशि आर्ट्स के विद्यार्थी थे, हम चारों ही इंटर के प्रथम साल के विद्यार्थी थे।फिर हम सब हिना की कार में बैठ कर मेरी कोठी में आ गए।

वहाँ कम्मो ने हम सबका स्वागत किया, बैठक में ले गई और शरबत और जलपान का इंतज़ाम कर दिया।अब मैंने नए मेहमानों का निरीक्षण परीक्षण किया, इन नए मेहमानों में से मैं सिर्फ उर्मि को ही जानता था।

हिना और निशि देखने में सुन्दर थी, उनकी शारीरिक सुंदरता उनके कपड़ों के कारण नहीं आंकी जा सकती थी लेकिन वो मनमोहक अवश्य थी।लड़कों में विनी 5 फ़ीट 8 इंच का पतले शरीर वाला लड़का था और राज का शरीर थोड़ा भरा हुआ नाटे कद बुत वाला था।

तभी कम्मो ने आकर कहा- खाना मेज पर लग गया है।हम सब बैठ कर खाना खाने लगे और वहीं बातें शुरू हो गई कि क्या प्रोग्राम बनाया जाए?

हिना बोली- ऐसा है, मैं काफी अरसे से सोच रही थी कि हम कुछ लड़के लड़कियाँ मिल कर डांस और ग्रुप सेक्स का प्रोग्राम बनायें। ‘उसके लिए आजकल के माहौल में मॉडर्न लड़के और लड़कियाँ कहाँ से मिलेंगी?’‘मैंने पूछताछ की तो पता चला कि मेरे अलावा दो लड़कियाँ और भी हैं जो इस किस्म का शौक रखती हैं और कुछ लड़कों ने भी अपनी रज़ामंदी जताई।’ हिना ने बताया।

विनी बोला- मेरे ख्याल में हम सबके अलावा भी कुछ और लड़के लड़कियाँ होंगे जिनको ग्रुप सेक्स से कोई परहेज़ ना हो।उर्मि बोली- मैं भी कालेज की कुछ लड़कियों को जानती हूँ जिन्होंने ग्रुप सेक्स का आनन्द पिछले कुछ दिनों में ले लिया है।यह कह कर वो मेरी तरफ देखने लगी लेकिन मैं सर नीचे कर के किसी से भी नज़र नहीं मिला रहा था।

राज बोला- मैं अपने बारे में तो कह सकता हूँ कि मुझको ग्रुप सेक्स में कोई ऐतराज़ नहीं होगा और मैं काफी मज़ा ले सकूंगा।

अब मैं बोला- मैं सोचता हूँ कि हम सब ग्रुप सेक्स का पूरा मतलब नहीं समझे हैं अभी तक, मेरे विचार में ग्रुप सेक्स का पूरा मतलब और उससे जुड़ी हुई समस्याओं को पूरी तरह समझ पाएँ, उसके बाद फैसला लें कि यह करना है या नहीं।हिना बोली- वाह सोमू यार, तुम तो काफी जानकारी रखते हो इस बारे में… मेरे ख्याल में सोमू ठीक कह रहा है और हमको इस बारे में पहले पूरी जानकारी ले लेनी चाहये। लेकिन यह जानकारी मिलेगी कहाँ से?

यह भी पढ़ें (Recommended)

वो चौदह दिन- 3

कुछ समय तक जब कोई नहीं बोला तो मैंने कहा- अगर हिना जी और आप सबको भी मंज़ूर हो तो मैं अपनी हाउसकीपर कम्मो रानी से मिलवा देता हूँ शायद उसको कुछ मालूम हो!हिना और सबने कहा- ठीक है आप बुलाओ उनको हम पूछ लेते हैं!

मैं कम्मो को बुला लाया।हिना ने सारी बात उसको बताई और पूछा कि आपकी राय में हमको क्या करना चाहिये इस मामले में।

कम्मो बोली- देखिये, मैंने भी अभी तक ग्रुप सेक्स या सामूहिक सेक्स के बारे में पढ़ा था कि पहले ज़माने में यह प्रथा राजा रजवाड़ों में आम थी और कई अमीर-उमरा इस तरह का सामूहिक यौन समारोह अपने महल मेंकिया करते थे लेकिन उसमें भाग लेने वाली स्त्रियाँ अक्सर बाज़ारू होती थी। जहाँ तक घरेलू लड़कियों का सवाल है, आजकल मॉडर्न माहौल में शायद यह मान्य हो लेकिन इसमें सबसे बड़ी अड़चन लड़कियों के लिए होती है क्यूंकि वास्तव में इस सारी क्रिया में लड़कियों का रोल इम्पोर्टेन्ट हैं। क्या आप लड़कियाँ इसके साथ होने वाली बदनामी की सम्भावना के लिए तैयार हैं?

हिना बोली- कैसी बदनामी दीदी?कम्मो बोली- क्या आपके साथ यौन क्रिया में भाग लेने वाले लड़के इस बात की गारंटी ले सकते हैं कि यह बात बाहर नहीं निकलेगी?लड़के चुप रहे।मैंने कहा- कम्मो जी ने सही सवाल उठाया है, क्या आज आप इन तीनों लड़कियों के साथ सेक्स करने के बाद यह गारंटी लेते हैं कि इसके बारे में कभी किसी को कोई बात नहीं बताएंगे?

सब लड़के चुप रहे।तब कम्मो बोली- आप सिर्फ 6 लड़के लड़कियाँ हैं, आप में यह बात छुप सकती है अगर आप सब मिल कर कसम खाएँ कि कभी भी इस ग्रुप सैक्स के बारे में किसी को भी कुछ नहीं बताएँगे।सबने ज़ोर से कहा- हम सब कसम खाएंगे कि हम इस बारे में कभी भी किसी को नहीं बताएँगे।

कम्मो बोली- चलो यह तय हो गया। अब सवाल है कि किस जगह यह कार्यक्रम किया जाए, क्यों हिना तुम्हारा क्या इरादा है?हिना बोली- मैं सोच रही थी कि अगले हफ्ते मेरे मम्मी पापा बाहर जाने वाले हैं तो मैं अपने बंगले में उनके जाने के बाद इसका आयोजन कर लूंगी।कम्मो बोली- सिर्फ शाम का या फिर पूरी रात का आयोजन होगा यह?हिना बोली- कम्मो जी, आप क्या उचित समझती हैं?

कम्मो बोली- मेरे विचार में आप इस कार्यक्रम को दोपहर में कॉलेज खत्म होने के बाद ही रखें। आपके पास 3-4 घंटे होंगे इस काम के लिए… मेरे ख्याल में वो काफी हैं और फिर किसी भी लड़की को झूठ का सहारा नहीं लेना पड़ेगा अगर यह प्रोग्राम दिन को करते हैं।हिना बोली- वो तो ठीक है लेकिन मेरे पास तो जगह सिर्फ रात को मिल पाएगी न!कम्मो ने मेरी तरफ देखा, मैं उसका इशारा समझा गया और मैंने कहा- मेरी कोठी में यह प्रोग्राम रख सकती हैं लेकिन उसमें हिस्सा लेने वाले केवल यही लोग होंगे सिर्फ हम 6… क्यों? मंज़ूर है?

हिना ने सबकी तरफ देख कर पूछा- क्यों बॉयज एंड गर्ल्स मंज़ूर है?सबने कहा- मंज़ूर है।कम्मो बोली- आप सब लड़कियों को मालूम होना चाहिए कि इस ग्रुप सेक्स प्रोग्राम में कोई भी लड़का किसी लड़की के साथ और कोई लड़की किसी दूसरे लड़के के साथ सेक्स कर सकती है और किसी को कोई भी ऐतराज़ नहीं होगा।सब बोले- हमको मंज़ूर है।

हिना बोली- इस प्रोग्राम में कुछ ख़ास खाने के लिए या पीने का इंतज़ाम हम आपस में पैसे इकटठे कर के करेंगे। क्यों मंज़ूर है?

जब सबने हाँ बोल दी तो हिना ने कहा- आप सब कम्मो दीदी को 100-100 रूपए दे दें। इस प्रोग्राम की तारीख बाद में तय होगी।तब हिना बोली- आज जब हम सब इकट्ठे हुए ही हैं तो क्यों न आज कुछ थोड़ी सी शुरुआत कर लें? क्यों सोमू और कम्मो जी?मैं बोला- हमको तो कोई ऐतराज़ नहीं, आप सब देख लो, क्यों कम्मो?कम्मो बोली- हाँ छोटे मालिक, ठीक है, अगर आप सब तैयार हैं तो प्रबंध कर सकते हैं हम!हिना ने सबसे पूछा तो सबने हाँ कर दी।

कम्मो बोली- इससे पहले कि कार्यवाही शुरू करें, आप सब अपनी कसम तो खा लो मिल कर!

हिना ने कहा- आओ सब जने एक दूसरे का हाथ पकड़ें और कसम खाएँ कि हम 6 इस ग्रुप में घटने वाली किसी भी घटना का ज़िक्र किसी और से नहीं करेंगे।सबने एक दूसरे का हाथ पकड़ कर कसम खाई, फिर कम्मो सबको लेकर मुख्य गेस्ट रूम में ले गई। वहाँ नीचे फर्श पर मोटे गद्दे बिछा रखे थे और टेबल पर शीशे के गिलास, शरबत और कोक की बोतलें ला कर रख ली।

मैं बोला- आप सब शर्बत या फिर कोक पी सकते हैं। एक बात और अगर हिना जी और आप सब बुरा न मानें तो कम्मो जी सारे कार्यक्रम के दौरान यहीं रहेंगी ताकि कोई प्रॉब्लम हो तो वो उसको अटेंड कर सकती हैं।हिना और सबने कहा- हमको कोई ऐतराज़ नहीं है।

फिर हिना ने कम्मो के साथ कुछ सलाह की और कहा- हम सब अपने कपड़े उतार देंगे। किसी को शर्म वर्म की प्रॉब्लम तो नहीं है ना? इस काम में कम्मो जी हम लड़कियों की मदद करेंगी।

फिर लड़के लोग अपने कपड़े उतारने लगे और कम्मो एक एक कर के लड़कियों के कपड़े उतारने लगी। सब से पहले हिना ही नग्न हुई, उसके बाद निशा और अंत में उर्मि।

अब कम्मो ने कहा- लड़के एक लाइन में खड़े हो जाएँ और लड़कियाँ उनके सामने लाइन बना कर खड़ी हो जाएँ।अब मैंने और बाकी सबने अपने सामने खड़ी लड़की या लड़के को गौर से देखा कि वो देखने में कैसे हैं।

लड़को को देखा तो सिवाए मेरे किसी और का लंड खड़ा नहीं था, मेरा लंड एकदम तना हुआ खड़ा था।

कम्मो ने कहा- अब लड़की और लड़के की जोड़ियाँ बनाने का टाइम है, इसके दो तरीके हैं, या तो जैसे आप खड़े हैं आमने सामने वही आपके पार्टनर हैं या फिर लाटरी डाली जाए?सबने कहा- आमने सामने वाले ही ठीक हैं।

कम्मो ने कहा- अब आप अपने पार्टनर को अपने पास ला सकते हैं और आगे का कर्यक्रम शुरू कर सकते हैं, लेकिन याद रहे कोई भी ऐसी हरकत ना करें जो आपके पार्टनर को मंज़ूर न हो।कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

टैग्स: #नंगा बदन
श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मेरा गुप्त जीवन

कुल भाग: 144
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
भाग 111
भाग 111: पढ़ें
भाग 112
भाग 112: पढ़ें
भाग 113
भाग 113: पढ़ें
भाग 114
भाग 114: पढ़ें
भाग 115
भाग 115: पढ़ें
भाग 116
भाग 116: पढ़ें
भाग 117
भाग 117: पढ़ें
भाग 118
भाग 118: पढ़ें
भाग 119
भाग 119: पढ़ें
भाग 120
भाग 120: पढ़ें
भाग 121
भाग 121: पढ़ें
भाग 122
भाग 122: पढ़ें
भाग 123
भाग 123: पढ़ें
भाग 124
भाग 124: पढ़ें
भाग 125
भाग 125: पढ़ें
भाग 126
भाग 126: पढ़ें
भाग 127
भाग 127: पढ़ें
भाग 129
भाग 129: पढ़ें
भाग 130
भाग 130: पढ़ें
भाग 131
भाग 131: पढ़ें
भाग 132
भाग 132: पढ़ें
भाग 133
भाग 133: पढ़ें
भाग 134
भाग 134: पढ़ें
भाग 135
भाग 135: पढ़ें
भाग 136
भाग 136: पढ़ें
भाग 137
भाग 137: पढ़ें
भाग 138
भाग 138: पढ़ें
भाग 139
भाग 139: पढ़ें
भाग 140
भाग 140: पढ़ें
भाग 141
भाग 141: पढ़ें
भाग 142
भाग 142: पढ़ें
भाग 143
भाग 143: पढ़ें
भाग 145
भाग 145: पढ़ें
भाग 146
भाग 146: पढ़ें
भाग 147
भाग 147: पढ़ें
भाग 149
भाग 149: पढ़ें
भाग 150
भाग 150: पढ़ें
भाग 151
भाग 151: पढ़ें
भाग 152
भाग 152: पढ़ें
भाग 154
भाग 154: पढ़ें
भाग 156
भाग 156: पढ़ें
भाग 157
भाग 157: पढ़ें
भाग 158
भाग 158: पढ़ें
भाग 159
भाग 159: पढ़ें
भाग 164
भाग 164: पढ़ें
भाग 166
भाग 166: पढ़ें
भाग 171
भाग 171: पढ़ें
भाग 172
भाग 172: पढ़ें
भाग 173
भाग 173: पढ़ें
भाग 174
भाग 174: पढ़ें
भाग 175
भाग 175: पढ़ें
भाग 179
भाग 179: पढ़ें
भाग 180
भाग 180: पढ़ें
भाग 181
भाग 181: पढ़ें
भाग 182
भाग 182: पढ़ें
भाग 187
भाग 187: पढ़ें
भाग 188
भाग 188: पढ़ें
भाग 189
भाग 189: पढ़ें
भाग 190
भाग 190: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

वो चौदह दिन- 3
Group Sex Story

वो चौदह दिन- 3

टू डिक्स फॉर वन पुसी स्टोरी में मेरे पति मुझे वीडियो कॉल पर अपनी रंगरेलियां दिखा रहे थे. उनकी कुलीग उनके बिस्तर पर थी और साथ में एक यूरोपियन आदमी भी था.

13 मिनट 489
टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 1
Group Sex Story

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 1

टप्पू सेना सेक्स कहानी में जेठा ने टप्पू और उसके साथियों को बापू जी के साथ गोआ भेज दिया ताकि पीछे से सारे बड़े लोग एक दूसरे की बीवी छोड़कर मजा ले सकें.

14 मिनट 660
ठोकुरधाम चुदाई महोत्सव- 5
Group Sex Story

ठोकुरधाम चुदाई महोत्सव- 5

सोसाइटी Xxx स्टोरी में जेठा भाई को बबीता की चूत मिली, तारक को रीता पत्रकार की कुंवारी चूत मिली. बाघा को बावरी की कुंवारी बुर मिली. कैसे?

13 मिनट 360

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राहुल बनिवाल

6 days ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

रोहित शर्मा 789

1 week ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।