किस्से पर वापस जाएं
जवान लड़की पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,259 बार

रैगिंग ने रंडी बना दिया-51

पिंकी सेन

22 Jan 2018 को प्रकाशित

रैगिंग ने रंडी बना दिया-51
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अब तक की इस देसी चूत की कहानी में आपने पढ़ा था कि सुमन मॉंटी से अपनी चूत चटवाने के लिए नंगी हो रही थी.अब आगे..

सुमन को यकीन हो गया कि मॉंटी अब पीछे नहीं देखेगा तो उसने अपने कपड़े निकाल दिए, अब वो सिर्फ़ ब्रा पेंटी में थी, उसके निपल्स एकदम हार्ड हो गए थे और चूत भी पानी-पानी हो गई थी. ये सोच कर कि आज तो मॉंटी के होंठों से उसको अलग ही मज़ा मिलने वाला है.

मॉंटी- क्या हुआ दीदी.. जल्दी करो ना आप!

मॉंटी की आवाज़ सुनकर सुमन का ध्यान टूटा.. पहले उसने सोचा ऐसे ही उसके सामने जाए, फिर ना जाने क्या सोच कर उसने ब्रा और पेंटी भी निकाल दी. अब वो एकदम नंगी थी.. उसका जिस्म तो आपने देखा ही हुआ था. आज इसके दिमाग़ में सेक्स चढ़ गया था, जिससे इसके छोटे निप्पल तन कर बाहर निकल आए थे और चूत आग की भट्टी बनी हुई थी.

सुमन बेड पे अपने पैरों को सिकोड़ कर बैठ गई.. फिर मॉंटी को आवाज़ दी कि आ जाओ.

जब मॉंटी पलटा तो बस सुमन को देखता ही रह गया. हालांकि मॉंटी सेक्स से अनजान था मगर एक जवान लड़की को नंगी देखना किसी भी लड़के के लिए आसान नहीं होता, उसकी उम्र तो ऐसी थी कि वो किसी की भी चुदाई के लायक था मगर उसका भोलापन उसे रोके हुए था.

मगर दोस्तो, ये सेक्स की चुल्ल होती ही ऐसी है.. कि अपने आप आ जाती है. ऐसा ही कुछ हाल मॉंटी का भी हुआ. सुमन को देखकर उसके जिस्म में चींटियां रेंगने लगीं.मॉंटी- दीदी आप तो बहुत सुन्दर हो.सुमन- अच्छा कपड़े निकालने के बाद तुझे मैं सुन्दर लगी.. पहले नहीं लगी क्या?मॉंटी- अरे नहीं दीदी, आप तो सुन्दर ही हो, बस कपड़े निकलने के बाद आपका पूरा बदन लाइट की तरह चमक रहा है.सुमन- अच्छा अब बातें बंद करो.. आओ मेरे पास आओ मेरा इलाज शुरू करो.

मॉंटी उसके पास जाकर बैठ गया, अब सुमन को समझ नहीं आ रहा था कि उसको कैसे कहें और क्या कहें.मॉंटी- हाँ दीदी.. आप ठीक से लेट जाओ ना.. और बताओ आपको कहाँ खुजली हो रही है?

सुमन ने हिम्मत करके फैसला किया कि अब शर्म जाए भाड़ में, मज़ा लेना ही ठीक होगा. ये सोच कर वो सीधी लेट गई और मॉंटी को उसने कहा कि वो उसकी पूरी बॉडी पे हाथ घुमाए.मॉंटी- दीदी तेल तो है ही नहीं.. क्या मैं ऐसे ही हाथ घुमाऊं?सुमन- हाँ ऐसे ही घुमा.. बस ऐसा सोच तू तेल ही लगा रहा है समझा!मॉंटी- ठीक है दीदी समझ गया.. बाकी आप बताती रहना ओके.

मॉंटी ने अपना हाथ सुमन के गले पर रखा और वहां से धीरे-धीरे सहलाना शुरू किया. फिर वो सुमन के मम्मों पे आ गया और जब सुमन के निप्पल उसकी हथेली से रगड़े, तो सुमन की आह.. निकल गई.

सुमन- इस्स आह.. मॉंटी ऐसे ही कर मज़ा आ रहा है उफ इसस्स..मॉंटी- दीदी लगता है कि आपको यहीं ज़्यादा खुजली है.. तभी आप यहाँ खुजा रही थीं.सुमन- आह.. मॉंटी तू भी मेरी तरह इनको मुँह से चूस ना.. तब ज़्यादा आराम मिलेगा.

मॉंटी ने ‘हाँ’ कहा और सुमन के मम्मों को चूसने लगा.. धीरे-धीरे उन पर जीभ घुमाने लगा.सुमन- आह.. सस्स मॉंटी ऐसे ही करो आह.. इनको मुँह में लेकर चूसो ना आह.. उफ..

मॉंटी को भी ये सब करने में एक अलग ही मज़ा आ रहा था, वो अब निप्पलों को बारी-बारी से चूसने लगा और सुमन मज़े की अलग ही दुनिया में चली गई.

कुछ देर मॉंटी ऐसे ही सुमन के निप्पलों को चूसता रहा. इससे सुमन की देसी चूत अब एकदम गीली हो गई थी और वो उंगली से चूत को रगड़ने लगी थी, जिसे मॉंटी ने देख लिया.

मॉंटी- दीदी ऐसे मत खुजाओ.. मैं अभी मुँह से आपको आराम देता हूँ.इतना कहकर मॉंटी सुमन के पैरों के पास बैठ गया. सुमन अब किसी रंडी की तरह बर्ताव कर रही थी, उसने पूरे पैरों को फैला दिया और चूत को मॉंटी के सामने कर दिया ताकि वो उसको आराम से चूस सके.

मॉंटी ने पहले तो चूत के ऊपर हल्के-हल्के अपनी जीभ फिराई और बाद में धीरे-धीरे वो चूत को प्यार से चूसने लगा. उसको शुरू में चूत का टेस्ट थोड़ा अजीब लगा, मगर बाद में पता नहीं उसको क्या हुआ.. वो पागलों की तरह चूत को जीभ से कुरेदने लगा, जैसे आज खजाना यहीं से निकलने वाला हो.

सुमन का ये पहला अहसास था कि उसकी चूत पे उंगली के अलावा कुछ और टच हुआ हो और वो भी एक कुंवारे लड़के की जीभ, उसकी तो साँसें रेलगाड़ी के इंजन की तरह फास्ट चलने लगीं.. वो अपनी सुध-बुध खो चुकी थी.

सुमन- आह.. मॉंटी जोर से चाटो आह.. ऐसे ही उफ़फ्फ़ मज़ा आ रहा है आह.. अपनी जीभ और अन्दर घुसाओ आह.. हा ऐसे ही आह.. उफ..

करीब 5 मिनट तक मॉंटी ऐसे ही सुमन की चूत को चूसता रहा. अब बेचारी सुमन से कहाँ ऐसी ज़बरदस्त चुसाई बर्दाश्त होगी. ना ना आप गलत मत समझो मॉंटी भले ही अनाड़ी होगा, मगर सुमन को क्या पता कि लड़के चूत कैसे चूसते हैं. उसके लिए तो ये नई बात थी, बस वही उसको भारी पड़ गई और वो अपने चरम पर पहुँच गई. सुमन ने बैठ कर उत्तेजना में मॉंटी के सर को पकड़ा और अपनी चूत पर जोर से दबा दिया.

सुमन के जिस्म से जैसे जान निकल गई हो.. उसका फुव्वारा ऐसे छूटा जैसे बरसों से रस चूत में कैद था. बेचारा मॉंटी इस हमले से बेख़बर था, उसका पूरा चेहरा चूत रस से भर गया और ना चाहते हुए भी उसने सुमन का रस पी लिया.

जब मॉंटी का दम घुटने लगा तो उसने जोर से सुमन के हाथ को हटाया और अलग हुआ.

सुमन- आह सस्स मॉंटी ये क्या कर दिया तूने.. आज उफ़फ्फ़ मेरी चूत आह.. प्लीज़ तुम ये चाट कर साफ कर दो ना!

मॉंटी कोजवान देसी चूतका रस पसंद आ गया था, वो खुद दोबारा चूत चाटने की सोच रहा था.. तभी सुमन ने भी कह दिया. बस फिर क्या था.. वो झट से चूत पर टूट पड़ा और जीभ से सारा रस चाट कर साफ कर दिया.

सुमन- आह.. मॉंटी तुम सच में बहुत अच्छे हो.. आओ मेरे पास आओ.

मॉंटी जैसे ही उठा.. सुमन ने उसको टाइट्ली हग किया फिर उसने मॉंटी के लंड को देखा, जो एकदम अकड़ा हुआ था.

सुमन- अरे मॉंटी ये दोबारा कैसे खड़ा हो गया, अभी तो इसका रस निकला था?

मॉंटी- पता नहीं दीदी.. मैं जब आपका इलाज कर रहा था ना.. तब ये धीरे-धीरे बड़ा होता गया और अब इसमें दर्द भी हो रहा है.

मॉंटी को चूत चूसना, चुदाई करना ये सब नहीं पता था, मगर ये जो लंड होता है ना.. बड़ा कमीना होता है. ये पैदा होने के साथ ही सब कुछ जानता है. आपको यकीन ना आए तो किसी छोटे बच्चे की नूनी को थोड़ा सहला कर देख लो, वो भी खड़ी हो जाएगी, फिर मॉंटी तो पूरा लड़का था.. उसका लंड तो टाइट होना ही था.

सुमन- अच्छा ये बात है तो क्या मैं इसे दोबारा चूस कर छोटा कर दूँ?मॉंटी- हाँ दीदी प्लीज़ ऐसा ही कर दो.. आपके चूसने से मुझे बहुत मज़ा मिलता है.

सुमन ने मॉंटी को खड़ा ही रखा और खुद घुटनों के बल बैठ कर उसके लंड को फिर से चूसने लगी. कभी वो उसकी गोटियां चूसती, तो कभी पूरे लंड को मुँह में भर कर जोर-जोर से आगे-पीछे करती.

मॉंटी तो मज़े में पागल हुआ जा रहा था और उधर खिड़की के बाहर टीना सब कुछ देख रही थी. उसकी चूत भी अब गीली हो गई थी मगर वो अन्दर आकर मॉंटी का मज़ा खराब नहीं करना चाहती थी, तो बस वो बाहर ही खड़ी रही और सब देखती रही.

लगभग 5 मिनट तक सुमन लंड चूसती रही, फिर उसको भी चूत में खुजली होने लगी तो उसने मॉंटी को कहा- अब जैसे मैं कहूँ वैसे ही करना ताकि हम दोनों को मज़ा आए. मॉंटी ने ‘हाँ’ में ‘हाँ’ मिला दी, तो सुमन सीधी लेट गई और मॉंटी को समझाया कि लंड को ऐसे सीधा चूत पर रगड़े.

मॉंटी को बात समझ आ गई, वो टीना के ऊपर आ गया और लंड को अच्छे से चूत पर रगड़ने लगा.. जिससे सुमन का मज़ा दुगुना हो गया.

सुमन- आह.. सस्स मॉंटी गुड आह.. ऐसे ही आह.. रगड़ो आह.. फास्ट करो आह..

मॉंटी भी स्पीड से चूत पर लंड के घस्से मारने लगा, टीना बाहर खड़ी सोच में पड़ गई. एक बार तो उसको लगा ये दोनों चुदाई कर रहे हैं.. मगर उसने गौर किया तब समझ गई कि सुमन बस लंड से चूत को रगड़वा रही है.

मॉंटी को भी इस खेल में बहुत मज़ा आने लगा था. फिर अचानक से मॉंटी का कंट्रोल बिगड़ा और लंड सीधा सुमन की चूत के मुख से जा टकराया.

सुमन- आआह.. पागल हो क्या ऐसे मत करो.. दर्द होता है और इसे अन्दर क्यों डाला?मॉंटी- सॉरी दीदी.. पता नहीं ये कैसे अन्दर चला गया वैसे इसे अन्दर डालने से क्या होता है.. आपको दर्द हुआ क्या?

लंड थोड़ा सा सुमन की चूत के मुँह में गया होगा या शायद चूत की फांकों के बीच में टच हुआ होगा, मगर सुमन को दर्द बहुत हुआ और वो समझ गई कि चुदाई के टाइम कितना दर्द होता है. अब उसका ना चुदवाने का फैसला उसको एकदम सही लगा.

सुमन- पागल इसको अन्दर नहीं डालते.. इससे बहुत तकलीफ़ होती है. तू बस ऊपर ही रगड़ कर मज़ा ले और मुझे भी मज़ा दे.

मॉंटी को बात समझ आ गई और वो फिर से लंड रगड़ने लगा. उधर टीना बाहर खड़ी उनकी बातें सुनकर बड़बड़ाने लगी.

टीना- मेरी जान तुझे मेरे भाई से तो चुदवाना ही होगा, ये भोला है इसे तू ही फास्ट करेगी, बस आज से इसकी टयूशन तू ही लेगी. बस कुछ दिनों की बात है.. पहले तुझे फास्ट कर दूँ, फिर तू मेरे भाई को फास्ट करना.

मॉंटी ने दस मिनट अपने लंड को अच्छे से चूत पर रगड़ा तब कहीं वो चरम पर पहुँचा और सुमन भी उसके साथ ही चरम पर पहुँच गई.

सुमन- आह.. आ सस्स मॉंटी जोर से रगड़.. उफ़फ्फ़ आह.. आ जल्दी कर ना आह.. आह..मॉंटी- आह.. दीदी कर तो रहा हूँ आह.. लगता है आह.. मेरा भी आह.. रस आने वाला है आह.. सस्स दीदी मैं गया आह..

दोनों एक साथ झड़ गए, मॉंटी का पूरा रस सुमन की चूत पर फ़ैल गया, जिसे मॉंटी ने गौर से देखा. वो अपना वीर्य आज लाइफ में पहली बार देख रहा था.

मॉंटी- दीदी देखो, मेरा कितना रस निकला है और आपका भी बहुत निकला है?

मेरे प्यारे साथियो, आप मुझे मेरी इस देसी चूत की कहानी पर सभ्य कमेंट्स कर सकते हैंsupport@mohakkisse.comदेसी चूत की कहानी जारी है.

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

रैगिंग ने रंडी बना दिया

कुल भाग: 50
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 3
जवान लड़की

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 3

ग्रैंड डॉटर सेक्स कहानी में गोआ में टप्पू सेना सोनू को नंगी करके उसके तीनों छेदों को चोद रही थी कि बापू जी ने देख लिया. उसके बाद तो बापू जी ने भी सोनू को सबके सामने चोदा.

14 मिनट 550
टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 2
जवान लड़की

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 2

वर्जिन गर्ल चुदाई कहानी में बापू जीके साथ टप्पू सेना गोवा में मस्ती करने गई थी. उनका मकसद तो सोनू की कुंवारी चूत गांड का मजा लेना था. सोनू भी अपनी सील तुड़वाने को बेचैन थी.

13 मिनट 336
मेरी प्रेमिका और मेरी अधूरी मोहब्बत- 1
जवान लड़की

मेरी प्रेमिका और मेरी अधूरी मोहब्बत- 1

ट्रू लव स्टोरी में मुझे एक लड़की से सच्चा प्यार था लेकिन हमारे बीच सेक्स जैसी बात कोई नहीं थी. एक बार उसे शौपिंग करनी थी तो वो मेरे साथ गयी. वापिसी में क्या हुआ?

16 मिनट 977

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

रोहित शर्मा

1 week ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

रोनी राणा

3 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।