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बाप बेटी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,254 बार

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-102

पिंकी सेन

29 May 2026 को प्रकाशित

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-102
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नमस्कार दोस्तो मैं आ गई अपनी सेक्स कहानी के नए रसीले पार्ट के साथ.. तो चलो वहीं से शुरू करते हैं.

मोना और नीतू नहाने चली गईं, वहां उनकी बातें शुरू हो गईं.मोना- क्यों नीतू, मज़ा आया तुझे अपने जीजू से चुदवाकर या नहीं?नीतू- कैसा मज़ा दीदी.. दर्द से जान तो निकल गई मेरी.. और पता नहीं साधु बाबा ने क्या खिला प्रिया, मेरा सर चक्कर खा रहा है.. और चुत है कि फड़फड़ कर रही है, जैसे अभी फिर से लंड माँग रही है.मोना- अच्छा ये बात है.. टेंशन मत ले.. नहाने के बाद तेरे जीजू वैसे भी दोबारा तेरी चुदाई करेंगे, अभी उनका मन नहीं भरा है.नीतू- अच्छा दीदी मगर मुझे चुत में बहुत दर्द हो रहा है. वो दोबारा करेंगे तो और ज़्यादा होगा ना.मोना- नहीं नीतू दोबारा करने से दर्द निकल जाएगा, फिर मज़ा आएगा.

नीतू- अच्छा तो फिर चुदना ही पड़ेगा मगर दीदी वो बाबा का लंड कितना बड़ा है ना.. आपको दर्द नहीं हुआ उससे?मोना- हा हा हा… मुझे कहाँ दर्द होगा.. मैंने तो इससे भी बड़ा लंड लिया हुआ है. वैसे एक बात है साधु बाबा की नज़र तुझपे भी बार बार पड़ रही थी. मुझे ऐसा लग रहा है वो एक बार तो तुझे चोदेंगे ही.नीतू- नहीं दीदी, उनका बहुत मोटा और बड़ा लंड है, मुझसे नहीं लिया जाएगा. आप ऐसा मत कहो मुझे डर लग रहा है.मोना- अरे इसमें डरना क्या.. अब सील तो टूट गई अब कैसा डर, बस मज़े लेना.नीतू- ठीक है दीदी, अगर बाबा कहेंगे तो ही करूँगी. आप वहां कुछ ना कहना ओके!मोना- अच्छा ठीक है नहीं बोलूँगी, अब चल नहा ले जल्दी से.. नहीं बाबा गुस्सा होंगे.

उधर बाहर साधु ने गोपाल को समझाया कि आगे क्या करना है और उनके जाने के बाद मोना का कैसे ख्याल रखना है.

वो दोनों नहा कर नंगी ही बाहर आ गईं और बाबा की कामुक नज़र नीतू पर जम गई. वो उसको ऊपर से नीचे तक घूरने लगे.मोना- बाबा नेहा खत्म हो गई या अभी कुछ बाकी है?साधु- आखिरी क्रिया बाकी है बेटा.. उसके बाद सब ठीक हो जाएगा.मोना- वो क्या है बाबा क्या करना होगा मुझे और गोपाल को?साधु- तुम्हारे सुहाग को बचाने के लिए इस कन्या ने बहुत बड़ा काम किया है. अब इसको इस क्रिया से कोई तकलीफ़ ना हो.. इसलिए इसको मेरा आशीर्वाद देना होगा. अब तुम और गोपाल यहाँ लेट कर कामक्रीड़ा करो और मैं इस कन्या को आशीर्वाद देता हूँ. उसके बाद कोई समस्या नहीं होगी.

मोना समझ गई कि बाबा अब नीतू को चोदने का मन बना चुके हैं. उसने इशारे से नीतू को समझाया प्रिया कि बाबा को खुश कर देना. फिर वो गोपाल के पास जाकर खड़ी हो गई.

गोपाल- मोना डार्लिंग तुम घोड़ी बन जाओ.. आज बहुत दिनों बाद तुम्हें घोड़ी बना कर चुदाई करने का मन हो रहा है.मोना- नहीं, गोपाल बाबा ने लेट कर करने को कहा है.. ये सब बाद में कर लेना.साधु- नहीं बेटी, जैसे तुम्हारा पति चाहता है, वैसे ही करो. और काम के लिए तो अलग अलग आसान करना बहुत अच्छा होता है. इससे प्यार और समय रीमा दोनों बढ़ते हैं. चलो अब कुछ भी मत बोलना, बस शुरू हो जाओ और नीतू तुम यहाँ आओ.. मेरे लिंग को मुँह में ले लो, मैंने इससे तुम्हें आशीर्वाद दूँगा.

मोना घोड़ी बन गई तो गोपाल ने उसकी सवारी शुरू कर दी. इधर बाबा तो कच्ची कन्या पे लट्टू हो चुका था. उन्होंने पहले अच्छी तरह नीतू को लंड चुसवाया, फिर उसको लेटा कर उसके घुटने मोड़ दिए और अपना काला लंड उसकी चुत में पेल प्रिया.नीतू- आह आह बाबा बहुत दर्द हो रहा है.. आह.. मैं मर गई.बाबा तो वासना के भंवर में फंसे हुए थे वो कहाँ नीतू की सुनने वाले थे. वो बस दे दनादन नीतू को चोदे जा रहे थे.

लगभग 30 मिनट की लंबी चुदाई में नीतू 2 बार झड़ चुकी थी. तब कहीं जाकर बाबा जी ने अपना वीर्य नीतू की चुत में भरा और कुछ देर उसके ऊपर पड़े रहे.उधर गोपाल भी झड़ चुका था और मोना को आज कई महीनों बाद गोपाल ने संतुष्ट किया था. इस चुदाई के बाद मोना ने बाबा को अच्छी तरह खाना खिलाया और कुछ दक्षिणा देकर विदा किया.

दोस्तो, यहाँ भी चुदाई का खेल खत्म हो गया है. चलो हम लोग वापस साधना के पास चलते हैं.

दोपहर तक ऐसा कुछ नहीं हुआ बस गुलशन जी फ्रेश होकर बाहर जाकर आ गए और साधना रात की चुदाई से टूट गई थी. उसका पूरा बदन दर्द कर रहा था तो उसके लिए कुछ दवा भी लेकर आ गए.

लंच के बाद दोनों बैठे हुए बात कर रहे थे तो गुलशन जी ने साधना के मम्मों को पकड़ लिया और सहलाने लगे.साधना- क्या हुआ पापा क्या इरादा है आपका? कहीं फिर से आपके अजगर ने फन तो नहीं उठा लिया ना.पापा- तेरे जैसी हसीन और जवान बेटी जो अब बीवी बन चुकी है तो कैसे कंट्रोल करूँ.. बताओ?गुलशन जी बोलते बोलते साधना के निप्पल दबा रहे थे और उसकी जांघ भी सहला रहे थे.

साधना- सच कहूँ तो मैं भी आपके लंड की दीवानी हो गई हूँ पापा.. आप चाहो तो हम फिर कर सकते हैं. मैं आपको इतनी ख़ुशी देना चाहती हूँ कि आप सारे टेंशन भूल जाओ.. वो सारी रातें भूल जाओ जिसके लिए माँ ने आपको तरसाया है.पापा- आई लव यू डार्लिंग.. मैं भी तेरी माँ के आने के पहले तुझे इतना चोदना चाहता हूँ कि उसके बाद कोई कमी ना रह जाए और फिर हम जब भी छुप कर मिलें तो तुम्हें तकलीफ़ नहीं सिर्फ़ मज़ा मिले.साधना- ठीक है पापा जैसा आप कहो, तो पहले मैं आपका लंड चूसूं या आप मेरी चुत चाटने वाले हो.पापा- दोनों साथ में करेंगे तो ज़्यादा मज़ा आएगा और वैसे भी मैं तुम्हें एक अलग मज़ा देने वाला हूँ मेरी जान.साधना- सच्ची तो जल्दी करो ना पापा, मुझे मज़ा चाहिए बस और कुछ नहीं.

दोनों 69 के पोज़ में आ गए और चुसाई शुरू हो गई. करीब 15 मिनट तक ये चुसाई चलती रही. उसके बाद साधना की वासना बहुत ज़्यादा भड़क गई तो उसने लंड मुँह से निकाला और पापा को सीधा करके खुद लंड पर धीरे से बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगी.

पापा- आह.. कूद मेरी जान.. तेरे पापा का लंड बहुत मजबूत है, जितना चाहे ज़ोर से कूद.. और कर ले अपनी चुत में पूरा फिट आह..साधना- आह.. सस्स पापा आह.. मज़ा आ रहा है.. आह.. आपका लंड बहुत मस्त है. आप भी नीचे से झटके मारो ना.. आह.. पापा चोदो, अपनी बेटी को आह..साधना बहुत उत्तेज़ित हो गई थी, अब वो स्पीड से ऊपर नीचे होने लगी और 10 मिनट तक स्पीड से चुदती रही. फिर उसका पानी निकल गया और चुत से बहकर गुलशन जी की जाँघों पे गिरने लगा.

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जब साधना एकदम शांत हो गई तो नीचे उतर कर लेट गई मगर गुलशन जी का लंड अभी भी तना हुआ था, उनका पानी अन्दर उफान मार रहा था.

साधना- आह.. पापा मज़ा आ गया.. सच्ची आपका लंड बहुत मजेदार है.पापा- तुझे तो शान्ति मिल गई मगर मेरे लंड को अभी भी चुदाई की जरूरत है. चलो अब घोड़ी बन जाओ फिर देखो कैसे नया मज़ा देता हूँ तुझे.साधना- ठीक है मेरे पापा जी, आपके लंड का ख्याल मैं नहीं तो और कौन रखेगा. लो बन गई घोड़ी, डाल दो चुत में.. और आप इसको भी ठंडा कर लो.

गुलशन जी के दिमाग़ में कुछ और ही चल रहा था. उनको तो बस साधना की गांड का गुलाबी छेद दिख रहा था और उनकी नियत उस पर पूरी तरह बिगड़ चुकी थी.

गुलशन जी ने गांड पर जीभ लगाई और छेद को चाटने लगे.साधना- सस्स्सस्स आह.. पापा.. ये आप क्या कर रहे हो आह.. नहीं.. उफ़.. मेरे पूरे जिस्म में करंट दौड़ रहा है.. अहह..

हर लड़की या औरत का एक सेन्सिटिव पॉइंट होता है, वैसे ही साधना का पॉइंट उसकी गांड का छेद था. अब गुलशन जी के चाटने से वो बहुत ज़्यादा उत्तेज़ित हो गई थी.साधना- आह.. पापा प्लीज़ आह.. डाल दो आह.. लंड आह.. चुत में बहुत खुजली हो रही है. मेरीचूत की खुजलीमिटा दो!

गुलशन जी का इरादा तो गांड मारने का था. वो साधना की बात को अनसुना कर गए और लंड को गांड के छेद पर रख कर घिसने लगे.

जब साधना को ये अहसास हुआ कि उसके पापा अब उसकी गांड मारने वाले हैं.. तो वो डर से काँपने लगी. उसके जिस्म में कंपन होने लगा जो उत्तेजना अभी जागी थी, वो हवा हो गई.साधना- पापा आप ये क्या कर रहे हो? नहीं मेरी गांड में मत डालना, ये फट जाएगी.. इसमें आह.. आपका लंड नहीं जाएगा प्लीज़ नहीं आह.पापा- मेरी जान, जब चुत नहीं फटी तो गांड कैसे फटेगी. अब बीवी बनी है तो पूरा मज़ा लूँगा ना.. बस अब हाथ को टाइट कर ले मैं लंड घुसेड़ने वाला हूँ.साधना- नहीं पापा ऐसा मत करो. अच्छा आपको गांड ही मारनी है तो मेरी फ्रेंड की मार लेना, आपको मज़ा भी आएगा उसकी गांड भी बहुत बड़ी है.

पापा- उसकी भी मार लूँगा जानेमन.. आज तो तेरी ही मारूँगा, ऐसी मस्त गांड मैंने जिंदगी में नहीं देखी है.

साधना ने बहुत मना किया मगर गुलशन जी तो पूरा मूड बना चुके थे. उन्होंने लंड को छेद पे टिकाया और ज़ोर का धक्का मारा. उनका आधा लंड साधना की गांड में घुस गया और साधना ज़ोर से चिल्ला उठी.

गुलशन जी ने वही तरीका अपनाया जैसे चुत मारने के टाइम किया था. उन्होंने दोबारा कमर को पीछे किया और दूसरा झटका भी मार प्रिया. साधना की तो जैसे जान ही निकल गई. वो बिस्तर पे गिर गई उसके साथ साथ गुलशन जी भी उस पर गिरे और पूरा लंडबेटी की गांडमें घुसा रहा.

साधना- आह.. सस्स पापा एमेम मेरी जान निकल ज्ज..जाएगी आह.. प्लीज़ निकाल लो.. आह.. नहीं उउउह पापा आह…पापा- बस बस अब पूरा घुस गया. अब कुछ नहीं होगा.. तू रो मत मेरी जान.

कुछ देर वो ऐसे ही पड़े रहे, उसके बाद उन्होंने गांड मारनी शुरू की और दे दनादन पेलते रहे. बेचारी साधना बिलबिलाती रही और वो लंड ठोकते रहे.

आधा घंटा तक गुलशन जी ने गांड को बराबर ठोका. अब उनकी उत्तेज्ना चरम पे थी. वो स्पीड से चोदने लगे, उनके लंड की नसें फूल गईं, लंड आग की तरह गर्म हो गया. तब जाकर उनका पानी निकाला और गर्म वीर्य गांड में भरने लगा. अब गर्म वीर्य जाने से साधना को भी थोड़ा आराम मिला.

बस दोस्तो, साधना की गांड का भी मुहूर्त हो गया. अब ये कहीं से भी कुँवारी नहीं रही, तो आगे क्या होता है इसका पता इस सेक्स कहानी के नेक्स्ट पार्ट में लगेगा.. तब तक के लिए बाइsupport@mohakkisse.com

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