होम पर वापस जाएं
जवान लड़की पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 1,302 बार

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-88

पिंकी सेन

21 Apr 2026 को प्रकाशित

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-88
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि साधना ने अपने बाप का लंड चूस कर वीर्य पी लिया.अब आगे..

गुलशन जी के जाने के बाद साधना ने चैन की सांस ली. उसकी ज़रा भी हिम्मत नहीं थी इस टॉपिक पे उनसे बात करने की. उधर गुलशन जी भी झिझक रहे थे तो उन्होंने जाना ही ठीक समझा और जाकर सो गए. इधर साधना भी सोचती रही और कब उसको भी नींद आ गई पता नहीं चला.

दोस्तो सुबह हो गई और रोज की तरह साधना अपने कॉलेज चली गई. वैसे उसको थोड़ी हैरानी हुई कि उसके ग्रुप के कोई भी आज नहीं आए थे. फिर उसने सोचा रात भर खूब मस्ती की होगी.. शायद इसी लिए नहीं आए.

उधर वो सब तो घोड़े बेच कर सोए हुए थे. सुबह 8 बजे टीना की आँख खुली तो उसने देखा सब नंगे सोए पड़े हैं. किसी-किसी का लंड एकदम तना हुआ भी था. उसको बहुत हँसी आई मगर अचानक उसको याद आया कि बरखा और अतुल की फ्लाइट भी है, तो उसने सबको जल्दी से उठाया.

दीपक और वीरू का तो बड़ा मन था कि सुबह सुबह एक राउंड और हो जाए मगर उनकी फ्लाइट में टाइम कम बचा था इसलिए टीना ने मना कर प्रिया. आनन-फानन में सब रेडी हुए, फ्लॉरा और टीना ने नाश्ता तैयार किया और सबने साथ नाश्ता किया. वहां थोड़ी सी बातचीत हुई. फिर सब उनको छोड़ने चले गए ताकि रास्ते में उनको कोई खतरा ना हो.

दोस्तो, अतुल और बरखा का गेस्ट रोल था. बेचारे मेहमान थे, आए और चले गए. चलो अब हम भी कहानी को आगे बढ़ाते हैं.

उधर सुबह जब गोपाल आया तो मोना गहरी नींद में थी और नीतू किचन में चाय बना रही थी.

नीतू- जीजू आ गए आप.. आप मुँह हाथ धो लो, मैंने चाय बना दी है.गोपाल- मोना कहाँ है.. वो उठी नहीं क्या?नीतू- दीदी के सर में दर्द है, उन्होंने उठाने से मना किया है.गोपाल- अच्छा ये बात है तो एक काम करो.. चाय मैं बाद में पी लूँगा, पहले तुम थोड़ी देर मेरे पैरों की मालिश कर दो.नीतू- जीजू आप कल के जैसे करवाओगे क्या??गोपाल- क्यों कल तुझे अच्छा नहीं लगा क्या.. मैंने आईसक्रीम दी थी ना.. आज भी दूँगा और तू जो कहेगी वो दूँगा. चल जल्दी आ जा, नहीं तो तेरी दीदी उठ जाएगी.

गोपाल में ना जाने कहाँ से हिम्मत आ गई थी. अपनी बीवी के होते वो बिंदास नीतू से मुठ मरवाना चाहता था.

वो दूसरे कमरे में गया और उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए फिर चादर ऊपर डाल कर लेट गया.

जब नीतू आई तब तक तो सोच सोच कर गोपाल का लंड खड़ा हो गया था.

गोपाल- चल आ जा डाल दे हाथ अन्दर और अच्छी तरह करना.. जैसे कल की थी.नीतू- नहीं जीजू, आप फिर से मेरा हाथ गंदा कर दोगे.

गोपाल ने चादर हटा दी और लंड पे हाथ घुमा कर कहा- ठीक है बिना चादर के कर दे. जब मेरा पानी आएगा हाथ हटा लेना.नीतू ने थोड़ा शर्माने का नाटक किया फिर मान गई. आज गोपाल ने नीतू के हाथ बढ़ा कर चूचे भी दबाए मगर उसने मना कर प्रिया तो गोपाल डर गया कि कहीं ये भाग ना जाए और फिर उससे मुठ मरवाने लगा.

नीतू को मोना की कही बात याद आई कि कैसे वो लंड को चूसेगी.. फिर उसने वही किया- जीजू, कल आपकी लुल्ली से पानी जैसा क्या निकला था?गोपाल- वो एक किस्म का रस होता है. नीतू तू उसका स्वाद लेकर देख, बहुत मज़ा आएगा.. तेरी आईसक्रीम से भी ज़्यादा अच्छा होता है.नीतू- जीजू आप सही बोल रहे हो ना.. मुझे उल्लू तो नहीं बना रहे ना..?गोपाल- अरे मैं झूठ क्यों बोलूँगा.. अच्छा तू मेरे लंड को एक बार मुँह में लेकर चूस कर देख ले.. पता लग जाएगा.

नीतू ने थोड़ा नाटक किया फिर एक चुप्पा लंड पे मार प्रिया.. फिर अलग हो गई.गोपाल- क्यों कैसा लगा.. मज़ा आया ना.नीतू- जीजू, ये मीठा नहीं है ये तो एकदम अजीब सा स्वाद है. खट्टा भी और नमकीन सा भी.गोपाल ने उसको समझाया- मज़ा आएगा तुझे.. दोबारा चूस और अच्छे से रस को लंड से निचोड़ कर निकाल.

नीतू भी यही चाहती थी. बस शुरू में थोड़ा नाटक किया. उसके बाद लंड को चूसने लगी. अब धीरे-धीरे उसको भी मज़ा आने लगा था और गोपाल तो इस कमसिन कली के मुँह में झटके मारने लगा था. उसको नीतू का मुँह किसी चुत से कम मज़ा नहीं दे रहा था. वो अब बैठ गया और नीतू के मुँह को चोदने लग गया.

थोड़ी देर बाद उसकी नसें फूल गईं. उसने नीतू के सर को कस के पकड़ लिया और अपना सारा रस उसके हलक में उतार प्रिया. नीतू पीछे हटना चाहती थी मगर हट ना सकी, मजबूरन उसको सारा वीर्य पीना पड़ा.नीतू ने पहली बार किसी का लंड चूसा था और उसका वीर्य पिया था. उसको उल्टी जैसा लगा.. मगर उसने खुद को कंट्रोल कर लिया और थोड़ी देर में वो नॉर्मल हो गई. तब तक गोपाल ने कपड़े पहन लिए थे.

गोपाल- क्यों नीतू मज़ा आया ना तुझे.नीतू- चूसने में मज़ा आया मगर आपका पानी अच्छा नहीं लगा.गोपाल- अच्छा मोना उठ जाएगी.. तू जा अब यहाँ से.. जल्दी.

गोपाल ठंडा होने के बाद घबरा गया उसको अहसास हुआ अगर मोना आ जाती तो क्या होता. वो जल्दी से उठा और नीतू के पीछे गया. पहले उसने मोना को देखा वो अभी भी सोई हुई थी. फिर वो किचन में गया और नीतू को पीछे से पकड़ लिया.

यह भी पढ़ें (Recommended)

वो हसीन पल

नीतू- जीजू हटो आप ये क्या कर रहे हो.. मैं दीदी को बोल दूँगी.गोपाल- अरे नहीं मैं तो खुश हूँ.. तुम कितनी अच्छी हो जो मेरे लिए ये सब करती हो. प्लीज़ ये बात मोना को मत बताना.. मैं तुम्हें बहुत पैसे दूँगा और जो कहोगी वो भी दिला दूँगा.नीतू- सच जीजू, फिर तो मैं रोज आपकी लुल्ली से पानी निकाल दूँगी.गोपाल- नीतू तू लुल्ली मत बोला कर.. इसको लंड कहते है और तुझे जो चाहिए मुझे बता देना, मैं लाकर दे दूँगा.नीतू- ठीक है जीजू अब आप जाओ. दीदी आ जाएंगी तो उनको पता लग जाएगा.

गोपाल वहां से चला गया नीतू ने उसको चाय दे दी और तब तक मोना भी उठ गई थी. वैसे आपको बता दूँ वो उठी हुई थी और लंड चुसाई भी उसने देखी थी मगर गोपाल जब उठा तो वो भाग कर सोने का नाटक करने लगी.

अब मोना उठ गई थी तो यहाँ कुछ सेक्स वाला सीन तो होगा नहीं.. तो ऐसे ही बता देती हूँ.

मोना ने नीतू को शाबाशी दी और उसको कहा कि आज दोपहर को वो दोबारा गोपाल का लंड चूसना ताकि वो उसका आशिक बना रहे मगर उसको और कुछ मत करने देना. उसके बाद वो गोपाल के पास चली गई.

दोस्तो दोपहर को फिर एक बार नीतू ने लंड चूसा और गोपाल को मज़ा प्रिया. अब गोपाल बस मौके की तलाश में था कि कब नीतू को चोदे और उसको सुकून आए.

उधर साधना भी घर आ गई थी और रात की उसकी नींद पूरी नहीं हुई थी तो वो सो गई.

दीपक और उसके दोस्त भी अपने-अपने घर को हो लिए यानि शाम तक ऐसी कोई बात नहीं हुई जो आपको बताई जाए.

रात को गुलशन जी फिर साधना के कमरे में चले गए और उसको बातों में लगा कर उसके जिस्म को छूकर मज़ा लेते रहे. मगर आज साधना का मूड कुछ करने का नहीं था तो उसने नींद का बहाना कर प्रिया और गुलशन जी को वहां से जाना पड़ा.

दोस्तो कहानी बहुत लंबी हो गई है तो अब थोड़ा फास्टली आपको बताती हूँ ताकि बहुत ज़्यादा काम की बात ही आपको बताऊं बाकी को जाने देती हूँ.

तो अगले 4 दिन तक सब कुछ वैसे का वैसा चलता रहा. गुलशन जी अपनी बेटी के साथ ज़्यादा समय बिताने लगे और एक-दो बार चूसना-वूसना भी हुआ, वैसे ही जैसे पहले हुआ था. उनके बीच वो मर्यादा का परदा अभी भी था और टीना को तो साधना ने अभी तक कुछ बताया भी नहीं था. साधना अब सच में फास्ट हो गई थी. हाँ मगर उसने उस रात पार्टी में हुई चुदाई की पूरी कहानी टीना से सुन ली थी और वो गर्म हो गई थी. इस बीच मॉंटी आ गया तो एक बार उसने मॉंटी के साथ जरूर मस्ती की.

नीतू और मोना रोज गोपाल के साथ गेम खेलते थे. मोना ने नीतू को अपनी और गोपाल की चुदाई भी दिखाई थी ताकि वो कुछ सीख सके.

एक रात सुधीर ने भी ज़िद की क्योंकि वो कुछ महीनों के लिए इंडिया से बाहर जा रहा था तो मोना ने उसके साथ भी मज़ा किया था और उस रात नीतू ने भी चुदाई देख कर खूब मज़े लिए थे. अब मोना ने नीतू को चुदाई के लिए एकदम तैयार कर प्रिया था मगर वो सही मौके की तलाश में थी.

दोस्तो, ऐसे लिखने में ना मुझे मजा आ रहा है और ना आपको पढ़ने में आएगा तो चलो फिर से एकदम आराम से सब के पास चलते हैं.

रोज की तरह साधना तैयार होकर कॉलेज के लिए अपने कमरे से निकली मगर आज उसका रूप कुछ अलग ही नज़र आ रहा था. आज उसने जो मॉर्डन ड्रेस लिए थे, उनमें से एक ब्लैक जींस और उस पर रेड टॉप पहना था, जिसमें उसकी सुंदरता का बखान करना मुश्किल है.. वो इतनी सुन्दर लग रही थी.

गुलशन जी ने उसकी बहुत तारीफ की और वो सीधी टीना के पास चली गई.

टीना- वाउ यार सो ब्यूटिफुल.. यार तू तो एकदम सेक्स बॉम्ब लग रही है. देखना आज तो कॉलेज में तेरा ये रूप देख कर एक-दो लड़के बेहोश हो जाएँगे.साधना- थैंक्स दीदी, वैसे आपके कहने पे ही तो आज पहने हैं.. नहीं तो कितने दिन से ये अलमारी में पड़े थे.टीना- यार अब वक़्त आ गया है, सबको दिखाने का कि तू सारे टास्क को पूरा करके एकदम फास्ट बन गई है.साधना- सच दीदी, मुझे भी ये बदलाव बहुत अच्छा लग रहा है.टीना- सब तो ठीक है मगर तू अब तक तेरे पापा को रिझाने में कामयाब नहीं हुई.साधना- ऐसी बात नहीं है दीदी.. आज कुछ है बताने को मगर अभी देर हो रही है.. आकर बता दूँगी.. अभी हम कॉलेज चलें?

टीना- क्या बात है यानि अच्छी खबर है.. चल बता क्या किया तुमने?टीना ने एक-दो बार पूछा मगर साधना ने मना कर प्रिया कि आकर बताएगी उसके बाद वो दोनों कॉलेज चली गई.

प्यारे साथियो, आप मेरी सेक्स स्टोरी का आनन्द लें और कमेंट्स करेंsupport@mohakkisse.comकहानी जारी है.

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया

कुल भाग: 104
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

जवानी की दहलीज पर अंजलि को चोदा-2
जवान लड़की

जवानी की दहलीज पर अंजलि को चोदा-2

मैंने चुदाई तो कई बार की थी, पर कभी बारहवीं में पढ़ने वाली कुंवारी चूत के मजे नहीं लिए थे इसलिए शायद मैं कुछ ज्यादा ही कामोत्सुक था।

10 मिनट 934
वो हसीन पल
जवान लड़की

वो हसीन पल

प्रेषक : अक्षिता शर्मा एवं जो हन्टर

27 मिनट 687
मेरे दोस्त की सेक्सी बहन की कामुकता
जवान लड़की

मेरे दोस्त की सेक्सी बहन की कामुकता

मेरा नाम पुनीत (बदला हुआ) है. मेरी उम्र 29 साल है. मैं देखने में ठीक-ठाक हूँ. मेरा लंड छह इंच का है. आज मैं आपसे अपनी असली कहानी बताना चाहता हूँ. यह बात उस वक़्त की है जब मैं बी.टेक. के फाइनल इयर में था, तब मैं 23 साल का था.

10 मिनट 853

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राहुल जया शिन्दे

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

रवि गुजराती

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।