होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 764 बार

मेरी चालू बीवी-3

इमरान

04 May 2025 को प्रकाशित

मेरी चालू बीवी-3
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

लेखक : इमरानरसोई से बाहर आ उसने तौलिया लिया और मेरी ओर पीठ करके अपनी चूत साफ करने लगी।उसकी कमर से लेकर चूतड़ों तक पारस का वीर्य फैला था। वो जल्दी जल्दी साफ़ करते हुए पीछे मुड़ कर बाथरूम की ओर भी देख रही थी।उसकी इस स्थिति को देखते हुए मेरे लण्ड ने भी पानी छोड़ प्रिया।अब मैं नीचे उतर बिना नहाये केवल हाथ मुंह धोकर ही बाहर आ गया। हाँ, थोड़े से बाल जरूर भिगो लिए जिससे नहाया हुआ लगूँ।बाहर एक बार फ़िर सब कुछ सामान्य था, सलोनी फिर से रसोई में थी और पारस शायद अपने कमरे में था।हाँ बाहर एक कुर्सी पर सलोनी की ब्रा जरुर पड़ी थी जो उनकी कहानी वयां कर रही थी।वो कितना भी छुपाएँ पर सलोनी ब्रा को बाहर ही भूल गई थी।मैंने उससे थोड़ी मस्ती करने की सोची और पूछा- सलोनी, क्या हुआ? तुम्हारी ब्रा कहाँ गई।मगर बहुत चालाक हो गई थी वो अब ! कहते हैं न कि जब ऐसा वैसा कोई काम किया जाता है तो चालाकी अपने आप आ जाती है।वो तुरन्र बोली- अरे काम करते हुए तनी टूट गई तो निकाल दी।मैंने फिर उसको सताया- कौन सा काम बेबी?वो अब भी सामान्य थी- अरे, ऊपर स्लैब से सामान उतारते हुए जान !मैं अब कुछ नहीं कह सकता था, हाँ, उसके चूसे हुए होंटों को एक बार चूमा और अपने कमरे में आ गया।तो यह था मेरा पहला कड़वा या मीठा अनुभव, कि मेरी प्यारी जान मेरी सीधी सी लग वाली बीवी सलोनी ने कैसे मेरे भाई से अपनी नन्ही-मुन्नी चुदवाई।हाँ, एक अफ़सोस जरूर था मुझे कि मैं उसको देख नहीं पाया ! मगर फिर भी सब कुछ लाइव ही तो था, देख नहीं पाया, सुना तो सब था मैंने, अपनी बीवी की सीत्कारें रसोई में मेरे भाई से चुदवाते हुए !मैं तैयार होकर बाहर आया, नाश्ता लग चुका था।पारस भी तैयार हो गया था।मैं- पारस, आज कहाँ जाना है, मैं छोड़ दूँ।पारस- नहीं भैया, कहीं नहीं, आज आराम ही करूँगा, आज रात की गाड़ी से तो वापसी है मेरी।मैं- हाँ, आज तो तुझको जाना ही है, कुछ दिन और रुक जाता।पारस- आऊँगा ना भैया, अगली छुट्टी मिलते ही यहीं आऊँगा। अब तो आप लोगों के बिना मन ही नहीं लगेगा।कह मेरे से रहा था जबकि देख सलोनी को रहा था।फिर सलोनी ने ही कहा- सुनो, मुझे जरा बाज़ार जाना है, कुछ कपड़े लेने हैं।मैं- यार, मेरे पास तो टाइम ही नहीं है, तुम पारस के साथ चली जाना।सलोनी- ठीक है, थोड़े पैसे दे जाना।मैं- ठीक है, क्या लेना है, कितने दे दूँ।सलोनी- अब दो तीन जोड़ी तो अंडरगार्मेन्ट्स ही लाने हैं, एक तो अभी ही टूट गई, अब कोई बची ही नहीं, थोड़े ज्यादा ही दे देना।वो मुस्कुराते हुए पारस को ही देख रही थी।पहले तो मैं कोई ध्यान नहीं देता था मगर अब उन दोनों की ये बातें सुन सब समझ रहा था।सलोनी- अच्छा 5000 दे देना, अबकी बार अच्छी और महंगे वाले चड्डी ब्रा लाऊँगी।वो बिना शरमाये अपने कपड़ो के नाम बोल रही थी।मैं- ठीक है जान, ज़रा अच्छी क्वालिटी की लाना और पहन भी लिया करना।पारस- हा… हा… हा… भैया, ठीक कहा आपने। हाँ भाभी… ऐसे लाना जिनको पहन भी लो… आपको तो पता नहीं, पर ऐसे कपड़ों में दूसरों को कितनी परेशानी होती होगी।सलोनी उसके कान पकड़ते हुए- अच्छा बच्चू ! बहुत बड़ा हो गया है तू अब। ऐसी नजर रखता है अपनी भाभी पर? बेटा सोच साफ़ होनी चाहिए, कपड़ों से कोई फर्क नहीं पड़ता।पारस- हाँ भाभी, आपने ठीक कहा, मैंने तो मजाक किया था।मैं उन दोनों की नोकझोंक सुन कर मुस्कुरा रहा था, कुछ बोला नहीं, बस सोच रहा था कि कैसे इन दोनों की आज की हरकतें जानी जाएँ। अब घर पर मेरा टिकना तो सम्भव नहीं था।तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया, मैंने सलोनी के पर्स में रु० रखते हुए सोचा, उसका यह पर्स मेरी समस्या कुछ हद तक दूर कर सकता है।मैंने कुछ समय पहले एक आवाज रिकॉर्ड करने वाला पेन voice recorder लिया था, मैंने उसको ऑन करके सलोनी के पर्स में नीचे की ओर डाल प्रिया।उसकी क्षमता लगभग 8 घंटे की थी, अब जो कुछ भी होगा, कम से कम उनकी आवाजें तो रिकॉर्ड हो ही जाएंगी।मैंने पहले भी यह चेक किया था, जबर्दस्त पॉवर वाला था और एक सौ मीटर की रेंज की आवाजें रिकॉर्ड कर लेता था।अब मैं निश्चिंत हो सबको बाय कर ऑफिस के लिए निकल गया।सोचा किअब शाम को आकर देखते हैं क्या होता है पूरे दिन…मैं शाम 7 बजे वापस आया, घर का माहौल थोड़ा शांत था, सलोनी कुछ पैक कर रही थी, पारस अपने कमरे में था।मैं भी अपने कमरे में जाकर कपड़े बदलने लगा कि तभी मुझे सलोनी का पर्स दिख गया।मैंने तुरंत उसे खोलकर वो पेन निकाला, वो अपने आप ऑफ हो गया था।पर्स में मुझे 3-4 बिल दिखे हैं, मैंने उनको चेक किया, सलोनी ने काफी शॉपिंग की थी।उसकी 2 लायेन्ज़री Lingerie, कुछ कॉस्मेटिक और पारस की टी-शर्ट, नेकर और अंडरवियर भी थे।आमतौर पर मैं कभी ये सब नहीं देखता था पर जब सलोनी की सब हरकतें आसानी से दिख रही थी तो अब मेरा दिल उनकी सभी बातें जानने का था, आज तो उनके बीच बहुत कुछ हुआ होगा।मगर यह सब अभी सम्भव नहीं था, मैंने पेन से मेमरी चिप निकाल कर अपने पर्स में रख ली, सोचा कि बाद में सुनुँगा।बाहर पारस सलोनी को मना रहा था- मत उदास हो भाभी, फिर जल्दी ही आऊँगा।ओह ! सलोनी इसलिए उदास थी !मैंने भी उसको हंसाने की कोशिश की मगर वो वैसी ही बनी रही उदासमना।मैं- पारस, कितने बजे की ट्रेन है तेरी?पारस- भैया, 8:50 की है, मैं 8 बजे ही निकल जाऊँगा।मैं- पागल है क्या? मैं छोड़ दूँगा तुझे स्टेशन पर, आराम से चलेंगे, चल खाना खा लेते हैं।पारस- आप क्यों परेशान होते हो भैया, मैं चला जाऊँगा।मैं- नहीं, तुझसे कहा ना ! सलोनी तुम भी चलोगी ना।सलोनी- नहीं, मुझे अभी बहुत काम हैं, और मैं इसको जाते नहीं देख पाऊँगी, इसलिए तुम ही जाओ।मैं मन ही मन मुस्कुरा उठा- ओह… इतना प्यार…!!और तभी मन में एक कौतुहल भी जागा कि पारस को छोड़ने के बाद मेरे पास इन दोनों की बात सुनने का समय होगा।और हम जल्दी जल्दी खाना खाने लगे।मैंने बाथरूम में जाकर चिप अपने फ़ोन में लगा ली और रिकॉर्डिंग चेक की।थैंक्स गॉड ! सब कुछ ठीक था और उसमें बहुत कुछ मसाला लग रहा था।फिर सब कुछ जल्दी ही हो गया और हम जाने के लिए तैयार हो हो गए।मैं बाहर गाड़ी निकालने आ गया, पारस अपनी भाभी को अच्छी तरह मिलकर दस मिनट बाद बाहर आया।मैं- क्या हुआ? बड़ी देर लगा दी?पारस- हाँ भैया, भाभी रोने लगी थीं।मैं- हाँ, वो तो पागल है, सभी को दिल से चाहती है।पारस- हाँ भैया, भाभी बहुत अच्छी हैं, उनका पूरा ख्याल रखना।मैं- अच्छा बच्चू, अभी तक कौन रख रहा था?पारस- नहीं भैया, मेरा यह मतलब नहीं था। आप काम में बिजी रहते हो ना, इसलिए कह रहा था।मैं- हाँ वो तो है ! चल अच्छा, अपना ध्यान रखना और किसी चीज की जरूरत हो तो बता देना।पारस- हाँ भैया, आपसे नहीं तो किससे कहूँगा।मुझे उसके जाने की बहुत जल्दी थी, मैं उस टेप को सुनना चाह रहा था।कहानी जारी रहेगी।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मेरी चालू बीवी

कुल भाग: 129
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 11
भाग 11: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
भाग 110
भाग 110: पढ़ें
भाग 111
भाग 111: पढ़ें
भाग 112
भाग 112: पढ़ें
भाग 113
भाग 113: पढ़ें
भाग 114
भाग 114: पढ़ें
भाग 115
भाग 115: पढ़ें
भाग 116
भाग 116: पढ़ें
भाग 117
भाग 117: पढ़ें
भाग 118
भाग 118: पढ़ें
भाग 119
भाग 119: पढ़ें
भाग 120
भाग 120: पढ़ें
भाग 121
भाग 121: पढ़ें
भाग 122
भाग 122: पढ़ें
भाग 123
भाग 123: पढ़ें
भाग 124
भाग 124: पढ़ें
भाग 125
भाग 125: पढ़ें
भाग 126
भाग 126: पढ़ें
भाग 127
भाग 127: पढ़ें
भाग 128
भाग 128: पढ़ें
भाग 129
भाग 129: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

ट्रेन में मिली भाभी को उनके घर जाके चोदा
भाभी की चुदाई

ट्रेन में मिली भाभी को उनके घर जाके चोदा

मेरा नाम रुद्रांश है और मैं 25 साल का हूं। मैं दिल्ली से हूं और अभी बैंगलोर में जॉब करता हूं। मेरी हाईट 5’10 है और मेरा वजन 70 किलो है। ये कहानी तब की है जब मैं 19 साल का था। मैं अपनी परीक्षा खतम करके गुजरात से दिल्ली लौट रहा था और मेरे साथ मेरे क...

8 मिनट 490
Bank Job Ne Khulvaya Pyar Ka Account
भाभी की चुदाई

Bank Job Ne Khulvaya Pyar Ka Account

Hello, Namskar, Kem cho? I am Dev from Gujarat. I am 23 year old. Mene abhi hi MBA complete kara he, after a completion of mba jese mano meri kismat hi badal gai, actul me me bahot hi shy person hu, MBA me me ladkiyo se bat karne me sarmata tha. B...

21 मिनट 778
Bhabhi Hui Meri Hawas Ki Shikaar-3
भाभी की चुदाई

Bhabhi Hui Meri Hawas Ki Shikaar-3

Pichla bhaag padhe:-Bhabhi Hui Meri Hawas Ki Shikaar-2

9 मिनट 680

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।