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मेरी चालू बीवी-98

इमरान

08 Mar 2026 को प्रकाशित

मेरी चालू बीवी-98
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सम्पादक – इमरानमेहता अंकल- अरे बेटा… जब तेरी चूत और मेरा लण्ड जब सबसे अच्छे हैं ..तो क्यों ना दोनों का मिलन करवा दो?सलोनी- नहीईइइइ प्लीज…मेहता अंकल- ओह चलो चुदाई ना सही… कम से कम दोनों का एक चुम्बन तो करवा ही दो…

सलोनी- पर सब बाहर हमारा इन्तजार कर रहे होंगे, फिर कभी…मेहता अंकल- अरे सब नाच गाने में बिजी हैं… दो मिनट ही तो लगेंगे।

और अंकल ने सलोनी को मना ही लिया… सलोनी उनसे मना नहीं कर पा रही थी, उन्होंने सलोनी को बिस्तर पर लिटा प्रिया, पता नहीं वो क्या करने वाले थे !

मैं तो सांस रोके देख रहा था कि ना जाने कौन से पल !!!

मेरा ध्यान कमरे में अब कहीं नहीं था, मैं ना तो नलिनी भाभी को देख रहा था और ना अपने बारे में सोच रहा था कि कोई देख लेगा…

बस दम साधे मैं सलोनी को देख रहा था, वो पूरी नंगी थी, एक भी वस्त्र नहीं था उसके चमचमाते जिस्म पर, उस बड़े से बेड पर लेटी थी, उसके एक-एक अंग से मस्ताना सा रस टपक रहा था।

मेरी ही हालत उसको देखकर खराब हो रही थी, फिर मेहता अंकल का तो कहना भी क्या, वो बौराये से उसको देख रहे थे।

उन्होंने शायद वो सेक्सी गोली भी खा रखी थी जो उनके अनुसार उनकी अपनी ही बड़ी बेटी रिया लंदन से लाई थी।

मुझे यह अहसास उनके खड़े, टनटनाए मोटे लण्ड को देखकर हो रहा था।सलोनी ने तो क्या मैंने भी आज तक इतना मूसल सा लण्ड नहीं देखा था।बहुत ही जानदार हथियार था मेहता अंकल के पास जो उनकी जवानी में की हुई अय्याशी की पोल खोल रहा था।

जिन्होंने अपनी दोनों मासूम बेटियों तक को नहीं छोड़ा, वो अब ऐसी हालत में सलोनी को कहाँ छोड़ने वाले थे।सलोनी भी मस्ती भरी आँखों से हिलते हुए उनके लण्ड को देखे जा रही थी।

अंकल ने भी बिस्तर पर ऊपर चढ़ने के बाद अपनी बनियान भी उतार फेंकी, बहुत घने बाल थे उनके शरीर पर और सभी सफ़ेद थे।

वो बहुत ही बूढ़े लग रहे थे मगर उनके लण्ड को देखते ही उनका शरीर झूठा सा प्रतीत होता था।

वो घुटने के बल सलोनी के दोनों पाँव के बीच बैठ गए और उसके दोनों पैरों को खोलकर ध्यान से चूत को देखने लगे, फिर अपनी एक हथेली से उसकी चूत को पौंछी, शायद उस पर सलोनी का कामरस लगा था।

फिर अंकल ने एकदम से नीचे झुककर अपने होंठ सलोनी की चूत पर रख दिए।

यही तो उसकी सबसे बड़ी कमजोरी थी… अब सलोनी की हालत देखने लायक थी, वो बुरी तरह मचल रही थी, उसकी कमर चारों ओर घूम रही थी।मुझे यह तो पता था कि चूत को चुसवाते समय सलोनी बिल्कुल पागल हो जाती है मगर आज पहले बार ही मैं उसको लाइव देख रहा था क्योंकि खुद चूसते समय तो मुझे उसको बैचेनी ज्यादा दिखाई नहीं देती थी क्योंकि उस समय तो मैं खुद भी पागल हो जाता था।

इस समय सलोनी का हर एक कोण और उसकी हर हरकत पर मेरी नजर थी, बहुत ज्यादा आनन्द आ रहा था उसको इस तरह देखने में…

दस मिनट तक सलोनी की चूत और गांड को अच्छी तरह चाटने के बाद अंकल ने सलोनी के चूतड़ों के नीचे हाथ लगाकर उसको अच्छी तरह से एडजस्ट किया।

अब वो क्षण था जब मुझे कोई दूसरा लण्ड सलोनी की चूत में जाता हुआ दिखने वाला था, मैं बहुत गौर से केवल वहीं पर नजरे गड़ाये था…

मेहता अंकल ने बहुत ही अच्छे ढंग से सलोनी की चूत को सहलाया, फिर अपने लण्ड के टोपे को उसकी चूत के छेद पर सेट किया और अपनी कमर को धक्का प्रिया।

इस दौरान सलोनी ने एक बार भी उनका, किसी भी बात का विरोध नहीं किया।

मुझे ज्यादा ठीक से तो नहीं दिखा पर उन दोनों के चेहरे जो कहानी बता रहे थे, उससे साफ़ जाहिर था कि मेहता अंकल का लण्ड सलोनी की कोमल चूत को भेद चुका था।

अब कितना अंदर गया, यह तो वही जाने, मैं तो उनकी सिसकारियाँ सुन रहा था।

सलोनी- अह्ह्ह्हा… आआआआ… बहुत बड़ा है… धीरे से… आःह्हाआआआ…

मेहता अंकल- आअह्हाआआ… बहुत टाइट है तेरी फ़ुद्दी… अह्ह्ह बस हो गया… अह्हा अह्ह…

उनके धक्कों से या फिर हिलने से बेड धीरे धीरे घूम रहा था और अब वो ठीक मेरे सामने रुका, दोनों मुझे साइड से चुदाई करते हुए बहुत साफ़ साफ़ दिखाई दिए।

मेहता अंकल के चोदने का स्टाइल बहुत अलग था, उन्होंने सलोनी के निचले हिस्से को अपने दोनों हाथो में उठा रखा था, उनके दोनों हाथ सलोनी के चूतड़ों और कमर पर थे, वो खुद अपने घुटनों पर खड़े थे।हाँ, वो बहुत ही धीमे धीमे चोद रहे थे।

अब मुझे उनका सांप जैसा लण्ड साफ़ साफ़ दिख रहा था।

इतनी दूर से भी दिखाई दे रहा था, जैसे कोई डण्डा सलोनी की चूत में जा रहा हो।

वो बहुत ही आराम से लगभग पूरा लण्ड ही बाहर निकाल लेते या फिर जरा सा ही अंदर रहने देते, फिर से पूरा अंदर सरका देते।

सलोनी की कमर को देख मुझे पता चल गया कि उसको बहुत मजा आ रहा है क्योंकि उसकी कमर भी अंकल के धक्कों के साथ ही हिल रही थी, वो इस चुदाई में पूरा साथ दे रही थी।

सलोनी के दोनों हाथ अपनी तनी हुई चूचियों पर थे जिनको वो खुद ही मसल रही थी।

सच कहूँ तो मैंने सेक्स तो बहुत किया है, पर उस सबमें मैं हमेशा खुद ही हीरो रहता था पर इस तरह लाइव ब्लूफिल्म वो भी अपनी बीवी की, मैं पहले बार देख रहा था।

सलोनी को पूरी नंगी होकर इस तरह मेहता अंकल के लण्ड से चुदवाते देख मेरी हालत ख़राब हो रही थी।

मैंने अपना लण्ड पैंट से बाहर निकाल लिया था और अपने ही हाथों से सहला रहा था।

अब मैंने नलिनी भाभी को देखा, लगता था वो भी पहली बार ही ऐसे लाइव शो देख रही थी, उनकी हालत भी पतली थी, अपनी शर्म के कारण वो बिस्तर पर तो नहीं जा रही थी लेकिन कुर्सी पर बैठे हुए ही, उनका हाथ अपने पेटीकोट के अंदर था, साफ़ पता चल रहा था कि वो अपनी चूत के साथ खेल रही हैं।

मैं अभी नलिनी भाभी को ही बुलाकर उन्हीं को चोदने का प्लान बना रहा था कि तभी मुझे अपनी ओर वाले कमरे में कुछ आहट सी हुई।

ओह इस समय कौन आ गया?

मैं अभी बाथरूम का दरवाजा बंद करने की सोच ही रहा था कि वो तो एकदम से दरवाजे पर ही आ गया।

मुझे कुछ नहीं सूझा.. बाथरूम बहुत बड़ा था और मोटे मोटे परदे भी थे, मैं वहीं पास के एक मोटे परदे की ओट में हो गया।

तभी बाथरूम की लाइट ओन हुई और एक बहुत ही सुन्दर लड़की मेरे सामने प्रकट हुई।

क्या खूबसूरती थी उसकी… बहुत लम्बी, 6 फुट से 2-3 इंच ही कम होगी, बहुत ही ज्यादा गोरी, दूध से भी ज्यादा साफ़ रंग था उसका… उस पर रंगत गुलाबी, आँखें तो ज्यादा खूबसूरत नहीं थी, उनको पायल से बड़ा बनाया हुआ था पर होंठ बहुत चौड़े, मोटे और लाल थे। कपड़े भी बहुत सेक्सी पहने थे, अमूमन महिला संगीत में लड़कियाँ लहंगा-चोली जैसे वस्त्र ही पहनती हैं, जो उसने भी पहना था परन्तु उसकी हाइट ज्यादा होने के कारण वो इन वस्त्रो में बहुत ही सेक्सी लग रही थी।

उसका लहंगा कमर से बहुत नीचे बंधा था जो उसकी पतली कमर की पूरी ख़ूबसूरती को दिखा रहा था और चोली इतनी छोटी थी कि ऊपर से उसके भरी मम्मों की पूरी गोलाई बाहर थी और चोली के निचले भाग से भी गोलाई का कुछ अंश बाहर था, चोली के कप उसकी चूची की पूरी गोलाई को दिखा रहे थे।

फिर चोली के नीचे से लहंगे तक का भाग नंगा था जो सफेद लाइट में चमक रहा था।

एक तो गोरा रंग, ऊपर से बहुत पतली कमर, उस पर उसकी गहरी नाभि जिस पर उसने कोई चमकता हुआ नाग लगा रखा था और फिर नाभि के नीचे का भी काफी हिस्सा नंगा ही था, उसने अपना लहंगा शायद अपनी चूत से 2-3 इंच ही ऊपर बाँधा हुआ था।

कुल मिलाकर सेक्स के रस से सराबोर थी वो हसीना।मेरे देखते ही देखते वो ठीक मेरे ही सामने आई..अरे वहाँ तो कमोड था… ओह यह तो मूतने के लिए आई है।

और बिना कुछ सोचे उसने अपने लहंगे को कमर तक उठा लिया, अब उसकी दोनों लम्बी नंगी टाँगें मेरे सामने थी, बिल्कुल चिकनी और केले के तने जैसी !

वो अपने लहंगे को बहुत ही संभालकर अपनी कमर के ऊपर को समेट रही थी कि कहीं वो गन्दा ना हो जाए।

पर उसकी इस हरकत से मुझे बहुत ही सेक्सी दृश्य के दर्शन हो गए थे।

उसने लहंगा कमर से भी ऊपर उठ जाने से उसकी कमर में फंसी छोटी सी कच्छी बहुत ही खूबसूरत लग रही थी।

उसने एक हाथ से लहंगे को पकड़, दूसरे से अपनी कच्छी नीचे सरका दी और जल्दी से कमोड पर बैठ गई।

मुझे उसकी चिकनी चूत साफ नजर आ रही थी… बिल्कुल चिकनी, बाहर को निकले हुए होंठ !

मैंने देखा चूत का दाना और उसके होंठ हल्के से कांपे और उसमें से मूत निकलने लगा।

एक हसीना मेरे सामने बैठी मूत रही थी और मैं उसको देख रहा था, बड़ा ही मनोहारी दृश्य था।

तभी वहाँ सलोनी की तेज आवाज आई- अह्ह्ह्हाआआ… अह्ह्ह्ह आःह्हाआआआआ आह्ह्हा तेज अंकल और तेज अह्हा अह्हा

और ये आवाजें सुनकर वो हसीना चौंक गई, आश्चर्य के भाव लिए कमोड से उठी, बहुत ही सेक्सी अंदाज़ से अपनी फैंसी कच्छी जो उसके खड़े होने से पंजों तक पहुँच गई थी, उसको अपने पाँव से बाहर किया।

इस दौरान भी वो लहंगे को वैसे ही अपने दोनों हाथों से अपनी कमर तक ऊँचा किये पकड़े रही।

फिर वो उसी दरवाजे की ओर गई जहाँ से मैं अभी कुछ देर पहले सलोनी को चुदवाते हुए देख रहा था।

मैंने पहली बार उसकी आवाज सुनी- ओह गॉड… यह क्या… डैड तो सलोनी भाभी को चोद रहे हैं… घर में इतने मेहमान हैं… अगर किसी ने देख लिया तो?

…ओह…

मेरी समझ में एकदम से आ गया… अरे यह तो रिया है… मेहता अंकल की बड़ी बेटी।

उफ्फ… मुझे तो पहले ही समझ जाना चाहिए था इसको देखकर… आखिर लंदन से आई है, तभी ऐसी है।

उसने अपना लहंगा अभी तक नहीं छोड़ा था और उसके झुके खड़े होने से मुझे वो दिख गया जिसे देखकर मेरे लण्ड ने बगावत कर दी…

अब मैं भी नहीं रुक सकता था और…???

कहानी जारी रहेगी।

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