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भाभी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,073 बार

मेरा गुप्त जीवन-101

यश देव

16 Jan 2026 को प्रकाशित

मेरा गुप्त जीवन-101
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मैं और भाभी एकदम सकते में आ गए।अब रिया बोली- मैं सब जानती हूँ आप दोनों क्या कर रहे थे? मेरा हिस्सा कहाँ है?भाभी बोली- कौन से हिस्से की बात कर रही हो रिया रानी?रिया अपनी आँखें मटकाती हुई बोली- वही आप दोनों ने अभी अभी जिसका आनन्द लिया है?भाभी पूरी घाघ थी सो बोली- हमने किसका आनन्द लिया है बहना?रिया मुस्कराते हुए बोली- लंड और चूत के खेल का और किस का?भाभी बोली- अरे नहीं न रे, वो खेल कौन खेल सकता है मेरे साथ?

रिया थोड़ी गुस्से में बोली- भाभीम तुम टालो नहीं… अभी अभी सोमू के साथ तुमुने चूत चुदाई का खेल खेला है। मैं सब सुन रही थी और देख भी रही थी! इतनी चुदाई तो भैया भी नहीं करते हैं तुम्हारी, जितनी सोमू ने आज तुम्हारी कर दी एक घंटे में!

अब भाभी का रंग एकदम पीला पड़ गया और वो मेरी तरफ देखने लगी और चुपचाप मेरे से उसकी मदद करने की अपील आँखों ही आँखों में करने लगी।

मैं रिया से बोला- तुमको क्या चाहिए यह बताओ रिया? इधर उधर की बातें मत करो और ना ही भाभी को ब्लैकमेल करने की कोशिश करो, समझी? अब बोलो साफ़ साफ़ कि तुमको क्या चाहिए?रिया बोली- सोमू, मुझको भी चूत चुदाई का खेल खेलना है तुम्हारे साथ अभी!मैं बोला- ठीक है, लेकिन आज के बाद तुम भाभी को ब्लैकमेल नहीं करोगी?रिया बोली- कभी नहीं करूँगी, गॉड प्रॉमिस।

मैं बोला- रिया, तुमने पहले कभी चूत चुदाई का खेल खेला है किसी के साथ?रिया थोड़ी सकपकाई लेकिन फिर हिम्मत कर के बोली- हाँ सोमू, खेला है एक दो बार!मैं बोला- अच्छा, तुम चूत चुदाई के सब तरीके जानती हो क्या?रिया बोली- नहीं, सारे तरीके तो नहीं जानती, एक दो से ही खेल खेला है न, तो वही जानती हूँ।

मैं बोला- खेल खेलते हुए कभी तुम्हारा पानी छूटा है?रिया बोली- कौन सा पानी छूटता है सोमू यार? मेरा तो कभी कुछ नहीं छूटा?मैं बोला- मैं जानता था कि तुमको चुदाई का ज़्यादा कुछ मालूम नहीं है और जब भी तुमने किया है यह काम, वो किसी नौसिखिये लौंडे के साथ… क्यों ठीक है रिया?रिया सर झुका कर बोली- हाँ, वो नौसिखिया ही था साला, उसको तो यह भी नहीं पता था कि कौन से छेद में डालना है।

मैं और भाभी बड़े ज़ोर से हंसने लगे और जल्दी ही मैं बोला- देखो रिया, तुम अभी पूरी तरह से पक्की कली नहीं बनी हो!रिया बोली- वही तो बनने आई हूँ यहाँ और वो भी सोमू राजा से!मैं घबरा कर बोला- मेरे से पकी कली बनने आई हो? क्या मतलब?रिया हँसते हुए बोली- मुझको सब मालूम है तुम्हारे बारे में! तुमने अभी तक कई पक्की कलियाँ बनाई हैं।

अब हैरान होने की मेरी बारी थी- तुमको क्या मालूम है? बताओ तो सही?रिया बोली- मैंने तुमको सुबह भांप लिया था कि तुम बड़े पहुंचे हुए हो, तभी मैंने अपना डेरा तुम्हारे कमरे में लगवाने का फैसला किया था।अब मैं बड़े ज़ोर से हंसा और बोला- वाह रिया रानी, बड़ी अच्छी बनाई है तुमने यह कहानी। जिसमें न कोई दम है और न ही कोई खम है!

अब भाभी बोली- सोमू, तुम बुरा नहीं मनाना, यह तो ऐसे ही गप्पें हाँक रही है, इसको किछु नहीं मालूम।अब मैं बोला- देखो रिया, प्यार से मैं सब कुछ कर सकता हूँ और धमकी से मैं कुछ भी नहीं करता! और वैसे भी हम दो हैं और तुम अकेली हो हमारे खिलाफ बोलने वाली, सो कौन विश्वास करेगा तुम पर जानी?

लगता था कि रिया के दिमाग में यह बात बैठ गई कि मैं धमकियों से नहीं डरने वाला तो अब वो काफी नरम पड़ गई और हाथ जोड़ कर मेरे सामने झुक कर माफ़ी मांगने लगी।मैंने भाभी की तरफ देखा और उन्होंने आँखों के इशारे से कह प्रिया कि माफ़ कर दो इसको!मैंने भी यह उचित समझा और रिया से कहा- अब बताओ तुम मेरे से क्या चाहती हो? सच्ची बताना!

रिया तब गिड़गड़ाते हुए बोली- भाभी के साथ जो खेल तुमने खेला था, वही मेरे साथ भी खेल दो सोमू।मैं थोड़ा सोचने का नाटक करते हुए बोला- ठीक है, जाओ पहले कमरे का दरवाज़ा अच्छी तरह से बंद करके आ जाओ ताकि कोई अंदर ना आ सके।

जब रिया दरवाज़ा बंद कर के आ गई तो मैं बोला- चलो पहले तुम अपने कपड़े उतारो और फिर भाभी के! ठीक है?रिया जल्दी से अपनी नाइटी उतारने लगी और जब वो बिल्कुल नंगी हो गई तो मैंने भाभी की तरफ इशारा किया और रिया तब उनके कपड़े भी उतारने लगी।

अब दोनों पूरी तरह से निर्वस्त्र थी और कमरे में लगे नाईट बल्ब की मद्धम रोशनी में भाभी बड़ी सेक्सी लग रही थी क्यूंकि उनके मुम्मे कम्मो की तरह मोटे, गोल और सॉलिड थे और उनके नितम्ब भी काफी रसीले थे, खूब मोटे, उभरे हुए और मुलायम दिख रहे थे और उनकी चूत पर छाई काले बालों की घटा बहुत ही सेक्सी लग रही थी।

उधर रिया भी बहुत सेक्सी लग रही थी और वो उम्र में भाभी से चार पांच साल छोटी लग रही थी। उसके मुम्मे अच्छे बड़े थे लेकिन वो भाभी का मुकाबला नहीं कर सकते थे। और उसके चूतड़ों को भी अच्छा कहा जा सकता था लेकिन वो भाभी के चूतड़ों से काफी छोटे थे और उनको पूरी तरह से भरे हुए नहीं कहा जा सकता था।

मैंने भाभी की तरफ देखा तो उन्होंने भी आँखों में ही रिया को पहले चोदने के लिए प्रार्थना की।अब मैंने रिया को अपनी बाहों में कर कर जकड़ लिया और उसके होटों पर एक गर्म और गीली चुम्मी जड़ दी और उसके चूतड़ों पर हाथ रख कर मैं अपना लौड़ा उसकी चूत के बाहर से रगड़ने लगा।रिया को मेरा ऐसा करने से काफी आनन्द आने लगा था और वो अपनी चूत को और खोल खोल कर मेरे लंड पर रगड़ने लगी।

रिया अब काफ़ी गर्म हो चुकी थी और वो चाहती थी कि मैं उसको चोदना आरम्भ करूँ लेकिन मैं अभी उसको सजा देने के मूड में था, मैं उसको और गर्म करने में लगा हुआ था लेकिन रिया बार बार मेरे लंड को खींच रही थी, वो चाहती थी कि मैं फ़ौरन उस पर सांड की तरह चढ़ जाऊँ लेकिन मैं उसको अभी और तरसाना चाहता था।

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अब मैं रिया की भग को घिसने लगा, पहले धीरे धीरे और फिर थोड़ी तेज़ी से !और रिया अब अपनी टांगों को बंद और खोल रही थी और भग घिसाई बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी।

अब मैंने उसको अपनी बाहों में उठा कर उसकी टांगों को अपनी चारों तरफ कस लिया और अपने लंड को एक धक्के में उसकी चूत में डाल प्रिया।मोटी गर्म सलाख को चूत में महसूस करके रिया तड़फ रही थी लेकिन क्यूंकि उसकी चूत मेरी कमर में कैद थी सो वो हिल भी नहीं सकती थी और मैं गरम सलाख को लेकर सारा कमरा घूम रहा था।रिया मेरे लंड के ऊपर नीचे होना चाहती थी लेकिन वो मेरे हाथों और कमर की कैद में थी तो वो कुछ नहीं कर सकती थी।

उधर भाभी अपनी एक ऊँगली से अपनी चूत में भग को मसल रही थी और दूसरी से मुझ को इशारे कर रही थी कि मैं रिया को जल्दी चोद कर भाभी के साथ लग जाऊँ।

अब मैंने रिया को पलंग पर लिटा प्रिया और उसके ऊपर चढ़ कर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा। रिया अपने सर को आनन्द में इधर उधर हिला रही थी और थोड़ी देर में ही मैंने महसूस किया कि वो छूटने वाली है क्यूंकि उसकी चूत में हलचल शुरू हो गई थी, वो जल्दी जल्दी सुकड़ना शुरू हो गई थी और फिर एक ज़ोरदार धक्के के बाद रिया के शरीर में ज़ोरदार कंपकपाहट शुरू हो गई और तब उसने मुझको अपनी टांगों के बीच में कैद कर लिया।

जब रिया पूरी तरह से स्खलित हो गई तो उसने मुझको अपनी कैद से आज़ाद कर प्रिया और खुद निढाल हो कर पड़ गई।

मैं रिया को छोड़ कर उठा और भाभी को अपनी बाहों में जकड़ लिया और उनके होटों पर गरमा गरम चुम्मी जड़ दी।भाभी मेरी और रिया की चुदाई देख कर काफी गर्म हो चुकी थी वो अब ठीक तरह से चुदने के लिए तड़प रही थी।मैंने भाभी को घोड़ी बना प्रिया और पीछे से उनकी पूरी गीली चूत में अपना गीला लंड घुसेड़ प्रिया। एक झटके से वो पूरा का पूरा अंदर डाल प्रिया और उनको बेतहाशा स्पीड से चोदने लगा।

मेरी स्पीड के आगे जूही भाभी ज़्यादा देर टिक नहीं सकी और वो भी शीघ्र ही स्खलित हो गई।अब दोनों इलाहबादी अमरूदों को वहीं छोड़ कर मैं पलंग के एक कोने में सो गया और सुबह जब नींद खुली तो वो दोनों घोड़े बेच कर सोई थी और मुझको ही उठ कर दरवाज़ा खोलना पड़ा।

सामने कम्मो चाय की ट्रे लिए खड़ी थी और कमरे में एक नज़र डालते ही वो समझ गई कि रात को क्या हुआ होगा।

कम्मो कमरे के अंदर आ गई और मैं फ़ौरन बाथरूम में घुस कर अपना कुरता पयजामा पहन कर निकल आया और आते ही कम्मो को एक कस के जफ्फी मार ली।

कम्मो ने हँसते हुए कहा- कर प्रिया इन दोनों का कल्याण छोटे मालिक?मैंने उसके चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए कहा- कम्मो रानी, तुम मेरा स्वभाव तो जानती हो, मैं किसी को भी इंकार नहीं कर सकता। अब इनको जगा दो और कपड़े पहना दो नहीं तो पकड़ी जाएँगी ये दोनों।

कम्मो ने हँसते हुए पहले भाभी को जगाया और फिर रिया को उठा प्रिया और दोनों कम्मो को देख कर खूब शर्मा गई और भाग कर दोनों बाथरूम में चली गई।मैं गर्म गर्म चाय पीते हुए उन दोनों की परेशानी का लुत्फ़ उठा रहा था।

कम्मो बोली- छोटे मालिक, अब बाकी लड़कियों से नहीं मिले क्या?मैं बोला- मिला तो था बैठक में दिन को खाने के समय! क्यों कोई ख़ास बात है?

कम्मो हँसते हुए बोली- जो आपके साथ रात में हुआ, वो तो ट्रेलर था, असली फिल्म तो बाकी है।मैं हैरान होकर बोला- यह तुम कैसे कह सकती हो?कम्मो बोली- मैंने यहाँ आकर बहुत बातें सुनी हैं इनके बारे में, इसी लिए कहती हूँ कि बच कर रहिये!मैं बोला- वाह री कम्मो, तेरे कुर्बान जाऊँ, लेकिन ऐसा करो ना, तुम वो सारा चुदाई प्रोग्राम कॉटेज में रखा करो ताकि यहाँ किसी को पता नहीं चले। एक या फिर दो के ग्रुप में आने दो सबको, मैं देख लूँगा।

कम्मो मुस्करा रही थी।वो दोनों बाथरूम से निकली और चुपचाप चाय पीने लगी।जाते हुए कम्मो बोली- छोटे मालिक, आपको नाश्ते में वो स्पेशल डाइट बना दूंगी क्योंकि आपको शायद जल्दी ही उसकी ज़रूरत पड़े।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

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