किस्से पर वापस जाएं
चाची की चुदाई पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 398 बार

मेरा गुप्त जीवन- 133

यश देव

25 Mar 2014 को प्रकाशित

मेरा गुप्त जीवन- 133
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मधु मैडम और रूबी मैडम ने हम सबको आलिंगनबद्ध किया और फिर उनकी कार और लड़कियों से भरी मिनी बस लखनऊ के लिए रवाना हो गई।उधर देखा चाची लड़कियों के जाने से बहुत खुश लग रही थी और खूब चहक रही थी, कम्मो मुंशी जी के साथ बैठ कर सब काम करने वालों की तनख्वाह का हिसाब कर रही थी।

मुझको खाली देख कर चाची मेरे पास आ गई और बोली- सोमू राजा, आओ कमरे में चलते हैं।मैं बोला- थोड़ा ठहरो चाची, सब काम वालियों को भुगतान कर दें तो फिर चलेंगे।

मुंशी जी ने कम्मो को जिन लड़कियों को पेमेंट करनी थी, उनकी लिस्ट बना कर दे दी थी और उतने पैसे भी गिन कर दे दिए थे।बाहर लॉन में दो तीन कुर्सी बिछा दी थी और एक मेज भी रख दिया था।

मैं, कम्मो और मुंशी जी बैठ गए और कम्मो बारी बारी से सब लड़कियों के नाम बोल रही थी और सब आगे आकर अपने पैसे ले रही थी और रजिस्टर में अंगूठा भी लगा रही थी।जब सब पैसे बंट गए तो सब काम वाली लड़कियों से मैंने पूछा- आप सबको अपने पैसे मिल गए और किसी का कुछ बाकी तो नहीं बचा?सबने ज़ोर से हाँ कहा और फिर फुलवा ने खड़ी होकर मेरा और बड़े मालिक का शुक्रिया भी कहा जिनकी वजह से यह फिल्म वाले यहाँ आये शूटिंग के लिए और उन सबको काफी सारे पैसे भी दिलवाये।

जब सब चले गए तो मुंशी जी ने मुझको और कम्मो को भी बहुत सारे पैसे दे दिए जो हमारे लिए फिल्म वाले दे गए थे।जब यह पैसे का मामला निपट गया तो मैं अपने कमरे में चला गया और कम्मो कुछ लड़कियों को लेकर कॉटेज की सफाई के लिए चली गई।

अब हवेली में मैं और चाची अकेले ही रह गए, मैं तो अपने कमरे में चला गया और चाची अपने कमरे में!थोड़ी देर ही लेटा हूँगा कि चाची धड़धड़ाती मेरे कमरे में आ गई और आते ही उन्होंने मुझ को पलंग पर ही धर दबोचा, मेरे चेहरे को पकड़ कर चुम्मियों की बारिश कर दी और मेरे शरीर के सारे अंगों को सहलाने लगी। बिना किसी शर्म के उस ने मेरे लंड को पैंट से बाहर निकाल कर चूसना शुरू कर दिया।

मैंने कहा भी कि चाचा किसी वक्त भी आ सकते हैं तो वो बोली- तुम्हारे चाचा आज रात नहीं आ सकते क्यूंकि वो मुझको कह कर गये थे कि शायद आज रात वो नहीं लौट पाएंगे तो तुम सोमू उनकी फ़िक्र ना करो।मैं बोला- तब तो चाची हमारे पास सारी रात है, आराम से मैं आपकी सेवा कर दूंगा रात में, अभी आप अपने कमरे में जाओ!चाची बोली- सोमू यार, मेरा दिल एक छोटी चुदाई के लिए बहुत बेकरार है, तुम सिर्फ एक छोटी सी चुदाई कर दो मेरी प्लीज।

यह कह कर चाची ने अपनी सिल्क की साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर दिया।लेकिन मैं बोला- ऐसे नहीं चाची, अगर चुदाई की इतनी ज़्यादा इच्छा है तो पूरी नंगी होना पड़ेगा!चाची थोड़ी असमंजस में पड़ी फिर बोली- कोई आ गया तो क्या होगा?मैं बोला- वो तुम जानो, मैं तो अपने कमरे में हूँ, सारा दोष तुम्हारे माथे पड़ेगा।

चाची एकदम जोश के साथ उठी और अपने कपड़े उतारने लगी। पहले उन्होंने अपनी सिल्क की साड़ी उतार दी और फिर अपने उभरे हुए उरोजों के ऊपर से सिल्क की ब्रा उतारी और अपने मुम्मों को मेरे मुंह के पास लाकर हिला हिला कर मुझको ललचा रही थी।फिर उन्होंने अपने पेटीकोट के नाड़े को धीरे धीरे खोलना शुरू कर दिया और ऐसा करते हुए उनकी नज़रें मेरे लौड़े पर ही टिकी हुई थी जो पैंट के थोड़ा बाहर हो कर ही हवा में लहरा रहा था।

चाची जब पूरी नंगी हो गई तो वो अपनी नग्नता को मेरे सामने बार बार ला कर मुझको रिझाने की कोशिश कर रही थी। फिर उन्होंने मुझको पलंग से उठा लिया और एक एक कर के मेरे कपड़े उतारने लगी।अब मैंने उनको ध्यान से देखा तो वो भी एक ख़ूबसूरती का मुज़स्समा निकली, हर अंग शरीर का सांचे में ढला था, गोल उभरे हुए सॉलिड चूचे और स्पाट पेट और गोल और उभरे हुए चूतड़… कुल मिला कर ज़न्नत का नज़ारा पेश कर रही थी चाची का बदन।चूत पर छाये घने काले बाल बहुत ही सेक्सी दिख रहे थे।

मेरे मुंह के उनकी चूत के साथ छूते ही वो एकदम से मस्ती से उछल पड़ती जिससे मैं समझ गया कि चाची का यह पहला मौका है चूत चुसाई का!वैसे भी बाद में मुझको ज्ञान हुआ कि चूत चुसाई उस वक्त के आदमियों में बहुत ही बुरी नज़र से देखी जाती थी और कोई भी पति या प्रेमी इस क्रिया को नहीं करता था।पतियों द्वारा ना किये जाने के कारण तकरीबन सब औरतें इस क्रिया से मिलने वाले आनन्द से वंचित थी।लेकिन यह क्रिया उस ज़माने की औरतों में आपस में काफी प्रचलित थी और वो एक दूसरी के संग इसको अक्सर इस्तेमाल करती जानी गई थी।

मेरी चूत चुसाई से चाची इतनी अधिक कामुक हो गई थी कि मुझको तकरीबन आधा घंटा लग गया उनकी चूत को शांत करने में और इस दौरान वो कई बार स्खलित हुई, ऐसा मुझको महसूस हुआ।जब उन्होंने मुझको अपने ऊपर खींचा चोदने के लिए, तो चाची एकदम मदहोश सी हुई लग रही थी और जैसे ही अकड़ा हुआ गर्म लंड उनकी रसभरी चूत में डाला तो चाची ने मुझको कस के अपनी छाती से लगा लिया और स्वयं ही नीचे से धक्के मार मार कर चुदवाने लगी।

ऐसा चुदाई का नज़ारा मैंने अपने जीवन में अभी तक नहीं देखा था जिसमें एक औरत इतनी ज़बरदस्त चुदाई की इच्छुक हो।जब चाची की चूत 2-3 बार झड़ने के कारण सिकुड़ चुकी तो मैंने उनके ऊपर से हटने की कोशिश की लेकिन हर बार चाची की सॉलिड जांघें मेरी कमर के चारों तरफ लिपटी होने के कारण मैं उनकी गिरफ़्त से निकल नहीं पाया और मजबूरन उनको चोदना जारी रखा।.

जब मैं इस पोज़ से थक गया तो मैंने चाची को कहा- चाची, मैं तुमको अब घोड़ी बना कर चोदता हूँ, उसमें और भी मज़ा आएगा।चाची एकदम से चहक उठी- वह कैसे होता है सोमू? वैसे मैंने कभी किया ही नहीं, चलो जल्दी से घोड़ी बनाओ मुझको?मैंने चाची को घोड़ी बना दिया और उसके पीछे घुटनों के बल बैठ कर चुदाई करने लगा।

चाची को इस पोज़ में बहुत आनन्द आने लगा क्यूंकि लंड का पूरा स्वाद मिल जाता है और औरत को कोई मेहनत भी नहीं करनी पड़ती।चाची को घोड़ी पोज़ की चुदाई बहुत पसंद आई और वो दो तीन मर्तबा झड़ जाने के बाद अपने आप ही अलग होकर बिस्तर पर लेट गई।मैंने शुक्र किया कि चलो ‘पीछा तो छूटा’ और जल्दी से कपड़े पहन कर बाहर निकलने से पहले चाची को बोल आया कि आप भी कपड़े पहन लो, कहीं मम्मी पापा ना आ जायें।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मेरा गुप्त जीवन

कुल भाग: 144
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
भाग 111
भाग 111: पढ़ें
भाग 112
भाग 112: पढ़ें
भाग 113
भाग 113: पढ़ें
भाग 114
भाग 114: पढ़ें
भाग 115
भाग 115: पढ़ें
भाग 116
भाग 116: पढ़ें
भाग 117
भाग 117: पढ़ें
भाग 118
भाग 118: पढ़ें
भाग 119
भाग 119: पढ़ें
भाग 120
भाग 120: पढ़ें
भाग 121
भाग 121: पढ़ें
भाग 122
भाग 122: पढ़ें
भाग 123
भाग 123: पढ़ें
भाग 124
भाग 124: पढ़ें
भाग 125
भाग 125: पढ़ें
भाग 126
भाग 126: पढ़ें
भाग 127
भाग 127: पढ़ें
भाग 129
भाग 129: पढ़ें
भाग 130
भाग 130: पढ़ें
भाग 131
भाग 131: पढ़ें
भाग 132
भाग 132: पढ़ें
भाग 133
भाग 133: पढ़ें
भाग 134
भाग 134: पढ़ें
भाग 135
भाग 135: पढ़ें
भाग 136
भाग 136: पढ़ें
भाग 137
भाग 137: पढ़ें
भाग 138
भाग 138: पढ़ें
भाग 139
भाग 139: पढ़ें
भाग 140
भाग 140: पढ़ें
भाग 141
भाग 141: पढ़ें
भाग 142
भाग 142: पढ़ें
भाग 143
भाग 143: पढ़ें
भाग 145
भाग 145: पढ़ें
भाग 146
भाग 146: पढ़ें
भाग 147
भाग 147: पढ़ें
भाग 149
भाग 149: पढ़ें
भाग 150
भाग 150: पढ़ें
भाग 151
भाग 151: पढ़ें
भाग 152
भाग 152: पढ़ें
भाग 154
भाग 154: पढ़ें
भाग 156
भाग 156: पढ़ें
भाग 157
भाग 157: पढ़ें
भाग 158
भाग 158: पढ़ें
भाग 159
भाग 159: पढ़ें
भाग 164
भाग 164: पढ़ें
भाग 166
भाग 166: पढ़ें
भाग 171
भाग 171: पढ़ें
भाग 172
भाग 172: पढ़ें
भाग 173
भाग 173: पढ़ें
भाग 174
भाग 174: पढ़ें
भाग 175
भाग 175: पढ़ें
भाग 179
भाग 179: पढ़ें
भाग 180
भाग 180: पढ़ें
भाग 181
भाग 181: पढ़ें
भाग 182
भाग 182: पढ़ें
भाग 187
भाग 187: पढ़ें
भाग 188
भाग 188: पढ़ें
भाग 189
भाग 189: पढ़ें
भाग 190
भाग 190: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

बुआ के साथ अधूरे सेक्स का राज हमेशा रहेगा राज
चाची की चुदाई

बुआ के साथ अधूरे सेक्स का राज हमेशा रहेगा राज

हाफ सेक्स Xx चुदाई कहानी में मेरी बुआ के घर में मैं बुआ की बिना ब्रा की चूचियां देखता था. एक दिन मैं उनके साथ लेटा था तो मैंने उनके साथ क्या क्या किया?

11 मिनट 1,126
गाँव की विधवा चाची को चोदा
चाची की चुदाई

गाँव की विधवा चाची को चोदा

आंटी सेक्स कहानी में मुझे भाभियों और चाचियों को चोदने में मजा आता था. बाहर से पढ़ाई पूरी करके मैं गाँव आया तो घर के पास वाली विधवा चाची को चोदने की इच्छा बलवती हुई.

13 मिनट 482
चाची की गर्म बहन की शानदार चुदाई
चाची की चुदाई

चाची की गर्म बहन की शानदार चुदाई

हॉट न्यूड सेक्स स्टोरी में मैं चाचा के घर गया तो वहां उनकी छोटी साली आई हुई थी. मस्त माल हो चुकी वो शादी के बाद. मैं उसे देखते ही अपना लंड सहलाने लगा.

11 मिनट 1,036

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

राजेश यादव

6 days ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।